खनन विभाग के नए सॉफ्टवेयर से ट्रांजिट परमिट (टीपी) और रवन्ना जारी करने में बड़ी गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। CSM 2.0 को लगातार अपडेट करने के बावजूद बजरी लीज और स्टॉक पॉइंट से जारी होने वाले रवन्नों और ट्रांजिट परमिट में दूरी और तारीख गलत दर्ज हो रही है। सवाईमाधोपुर में बजरी की लीज से डंपर नंबर RJ20-GB-9288 ने 26 सितंबर को ट्रांजिट पास बनवाया। सॉफ्टवेयर ने 3.70 लाख किमी दूरी का ट्रांजिट पास जारी कर दिया और इसकी वैधता 6 नवंबर 2028 तक कर दी। इतनी दूरी में डंपर पृथ्वी के 9 चक्कर लगाकर आ सकता है। इसी तरह डंपर RJ05-GB-5278 को 26 सितंबर को 2.92 लाख किमी दूरी का ट्रांजिट पास जारी कर दिया गया। इसकी वैधता मई 2028 तक तय कर दी गई। वाहन RJ26-GA-4673 का 2376 किमी का रवन्ना जारी कर दिया गया। बीते दो महीने में ऐसे सैकड़ों गलत पास और रवन्ने जारी हो चुके हैं। सॉफ्टवेयर की गड़बड़ी से अब इन डंपरों के दोबारा रवन्ने और पास नहीं बन रहे हैं। लीज होल्डर्स का कहना है कि अपडेट के नाम पर सॉफ्टवेयर बंद रहता है। पृथ्वी की परिधि 40,000 किमी भूमध्य रेखा पर : लगभग 40,075 किमी उत्तर-दक्षिण ध्रुवों से होकर : लगभग 40,008 किमी सामान्य तौर पर कहा जाता है कि पृथ्वी का एक चक्कर करीब 40 हजार किमी का है।