श्राद्ध पक्ष शनिवार से प्रारंभ हो गया। इसके साथ ही अपना घर आश्रम, स्वास्थ्य मंदिर आश्रम सहित अन्य वृद्धाश्रमों और बाल आश्रमों में पितरों के निमित्त भोजन कराने के लिए लोग पहुंच रहे हैं। इन आश्रमों में करीब 7 हजार लोग रहते हैं। श्राद्ध पक्ष में पूर्णिमा, एकम, द्वितीया, पंचमी, द्वादशी और सर्व पितृ अमावस्या छह ऐसी प्रमुख तिथियां हैं, जिनमें अपना घर सहित सभी वृद्धाश्रमों में बुकिंग है। कुछ तिथियों में दोनों समय का भोजन बुक हो गया है। क्योंकि अधिक लोग होने के कारण शाम को विकल्प भी कुछ लोगों ने चुना है। कई लोगों ने एक माह पहले ही अपनी तिथि तय करवा ली थी। अपना घर आश्रम, स्वास्थ मंदिर आश्रम सहित अन्य में पितरों की आत्मशांति के लिए सामूहिक हवन किया जाएगा। पंडित वैदिक मंत्रोच्चार के साथ जल की आहुतियां देकर पितरों की आत्मशांति की प्रार्थना करवाएंगे। इसके बाद वृद्वजनों को भोजन कराया जाएगा। अपना घर आश्रम की प्रशासनिक अधिकारी बबीता गुलाटी ने बताया कि श्राद्ध पक्ष की सभी प्रमुख तिथियों में भोजन कराने की बुकिंग हो चुकी है। आवासियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पितृपक्ष के सभी दिन गरिष्ठ भोजन नहीं कराया जा सकता। कुछ दिन प्रतीकात्मक रूप से भोजन कराया जाएगा। आश्रम में करीब 6500 आवासी हैं। इनमें कई लोगों ने सभी के लिए तो कुछ ने यूनिट के हिसाब से भोजन बुक कराया है। इस दैारान कुछ तिथियों पर एक ही दिन में कई परिवारों ने अपनी सेवा तय कराई है। इस बार पितरों के निमित्त सुबह और शाम दोनों समय भोजन से पहले परिसर में ही तर्पण की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। अन्नदान महादान, ज़रुरत मंदों को भोजन कराएं: पितृपक्ष का मूल भाव केवल कर्मकांड नहीं, बल्कि पूर्वजों का स्मरण, कृतज्ञता, सेवा और दान है। इसलिए किसी बुजुर्ग, गरीब, साधु या जरूरतमंद को श्रद्धापूर्वक भोजन कराना इस भावना से जुड़ी महत्वपूर्ण परंपरा है। ज्योतिषी दुलीचंद शास्त्री ने बताया कि श्राद्ध में अन्नदान को पुण्यकारी माना गया है। जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराने का भाव यह है कि पूर्वजों की स्मृति में किया गया अन्नदान समाज के किसी भूखे व्यक्ति तक पहुंचे। स्वास्थ्य मंदिर द्वारा रणजीत नगर में ज़रुरतमंद बच्चों के लिए डे केयर सेंटर चलाया जाता है। इसमें करीब 70 बच्चे पढ़ने आते हैं, जिन्हें सुबह अल्पाहार और दोपहर का भोजन कराया जाता है। इनके लिए शिक्षण सामग्री एवं वस्त्र व्यवस्था भी की जाती है। श्राद्ध के दौरान बच्चों के लिए भोजन कराने की बुकिंग हुई है। स्वास्थ मंदिर के प्रबंधक डॉ. वीरेंद्र अग्रवाल के अनुसार श्राद्ध पक्ष की 50 फीसदी तिथियों में बच्चों के लिए भोजन की व्यवस्था बुकिंग हो चुकी है। अन्य तिथियों में भोजन कराने के लिए भी शहरवासी लगातार पहुंच रहे हैं।