इस बार शारदीय नवरात्र में व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं को पिछले साल के मुकाबले 10 दिन के फलाहार पर करीब 225 रुपए ज्यादा खर्च करने पड़ेंगे। पिछले साल 7 जरूरी फलाहारी वस्तुओं का अनुमानित खर्च 100.73 रुपए रोज था, जो अब 123.20 रुपए हो गया। केंद्रीय उपभोक्ता मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार राजस्थान में आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में 27.63% बढ़ोतरी हुई है। महंगाई में दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव 33.65% के साथ पहले स्थान पर हैं। राजस्थान 27.63% के साथ दूसरे, अंडमान एवं निकोबार 25.89% के साथ तीसरे, दिल्ली 23.20% के साथ चौथे और आंध्र प्रदेश 22.79% के साथ पांचवें स्थान पर है। भास्कर एक्सपर्ट महंगाई से व्रत की थाली में सस्ते आइटम बढ़े रसोई के बजट पर महंगाई का असर इस बात पर निर्भर करता है कि परिवार किस वस्तु का कितना इस्तेमाल करता है। प्याज या खाद्य तेल की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी अधिक खपत वाले परिवारों को ज्यादा प्रभावित कर सकती है। वहीं, आलू, टमाटर और कुछ अनाज सस्ते होने से राहत भी मिल सकती है। नवरात्र में व्रत रखने वाले परिवारों के लिए मखाना, फल, दूध और फलाहारी सामग्री की कीमतें महत्वपूर्ण हैं। महंगाई के कारण व्रत की थाली का आकार छोटा हो रहा है।