श्रीगंगानगर जिले की गजसिंहपुर नगरपालिका में एक कमरे की चाबी को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक टकराव में बदल गया है। नगरपालिका के नवनिर्मित चैंबर का ताला तोड़ने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में नगरपालिका अध्यक्ष संदीप कुमार, उपाध्यक्ष भगवान दास समेत 14 पार्षदों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। मुकदमे के विरोध में शुक्रवार को श्रीगंगानगर कांग्रेस जिलाध्यक्ष और श्रीकरणपुर विधायक रुपिंदर सिंह कुन्नर पार्षदों के साथ SP ऑफिस पहुंचे। यहां प्रदर्शन कर SP को ज्ञापन सौंपा और मामले की जांच किसी दूसरे अधिकारी से कराने की मांग की। विधायक बोले- आंदोलन करेगी कांग्रेस विधायक रुपिंदर सिंह कुन्नर ने कहा - गजसिंहपुर में कांग्रेस का बोर्ड भारी मतों से बना है। कांग्रेस के अध्यक्ष नगरपालिका में निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान एक कमरा बंद मिला। चाबी मांगने पर ईओ ने चाबी देने से मना कर दिया। इसके विरोध में कांग्रेस पार्षद सुबह से शाम तक धरने पर बैठे रहे। इसके बाद विधायक कुन्नर खुद रात को मौके पर पहुंचे। उनके अनुसार, प्रशासन और अधिकारियों की मौजूदगी में ताले खुलवाए गए थे। विधायक ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद अगले दिन 14 पार्षदों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा दिया गया। उन्होंने कहा कि पूरी कार्रवाई का वीडियो पुलिस के पास मौजूद है, फिर भी मामला दर्ज किया गया। निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो सड़कों पर उतरेगी कांग्रेस विधायक कुन्नर ने कहा कि कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने SP से मामले की जांच किसी अन्य अधिकारी से करवाने की मांग की है, ताकि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो सके। उन्होंने कहा कि चुने हुए जनप्रतिनिधियों पर झूठे मुकदमे दर्ज करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। विधायक ने चेतावनी दी कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई और मुकदमे रद्द नहीं किए गए तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी। ईओ की रिपोर्ट पर दर्ज हुआ मुकदमा थाना प्रभारी शालू बिश्नोई के अनुसार, नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) लाजपत विश्नोई की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। रिपोर्ट में बताया गया कि 5 अक्टूबर को नवनिर्मित चैंबर की चाबी को लेकर जानकारी मांगी गई थी। ईओ ने कहा था कि चाबी उनके पास है और अगले दिन कार्यालय आकर चैंबर खोलकर दिखा देंगे। रिपोर्ट के अनुसार, इसके बावजूद रात करीब 9 से 9:30 बजे के बीच चैंबर का ताला तोड़ दिया गया। ईओ ने कमरे में रखा सामान खुर्द-बुर्द करने, तोड़फोड़ करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए हैं। इससे सरकारी कामकाज प्रभावित होने की बात भी रिपोर्ट में कही गई है। इन 14 पार्षदों के खिलाफ मामला दर्ज मामले में नामजद लोगों में नगरपालिका अध्यक्ष संदीप कुमार, उपाध्यक्ष भगवान दास, पार्षद गुरमीत सिंह मक्कड़, हंसराज खटक, संजीव कुमार थिंद, जगदीश यादव, दीपांश कालड़ा, लविष गोयल, लालचंद पेड़ीवाल, मोनू गुप्ता, विक्की जिंदल, कमलजीत काठपाल और कपिल वधवा शामिल हैं। रिपोर्ट में अन्य लोगों के खिलाफ भी आरोप लगाए गए हैं।