भास्कर न्यूज | टोंक पंचायतों के परिसीमन में बीड गनवर को ग्राम पंचायत गनवर से हटाकर कचौलिया में जोड़े जाने का विरोध अब मतदान बहिष्कार की चेतावनी तक पहुंच गया है। गुरुवार को मालपुरा क्षेत्र के राजस्व ग्राम बीड गनवर के ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रदर्शन कर कलेक्टर टीना डाबी के नाम ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने कहा कि पंचायत बदलने के फैसले के विरोध में वे पहले भी प्रशासन के समक्ष आपत्ति दर्ज करा चुके हैं, लेकिन लगातार विरोध के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। ऐसे में ग्रामीणों ने एकराय होकर निर्णय लिया है कि यदि बीड गनवर को कचौलिया पंचायत में ही रखा गया तो आगामी पंचायती राज चुनाव का बहिष्कार करेंगे। बनवारी लाल, अशोक बैरवा, रामस्वरूप, रामप्रसाद, सुधीर, रामकरण, हंसराज, सुरेश, मोहन, रोहित, योगेश, ओमप्रकाश, राजू, मोती, ग्यारसीलाल, निर्मल, सरताज, प्रहलाद, खुशीराम, नीरज, भंवरलाल ने बताया कि ग्राम पंचायत गनवर के गठन के समय से ही बीड गनवर के सभी मतदाता गनवर पंचायत में जुड़े हुए हैं। उनका कहना है कि सामाजिक, राजस्व और दैनिक जरूरतों से जुड़ा काम लंबे समय से गनवर से ही होता रहा है, कचौलिया जाने के रास्ते में जंगल पड़ता है, इससे रात के समय आवागमन में परेशानी और भय का माहौल रहता है। बच्चों की पढ़ाई भी गनवर के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में होती है, जो गांव के नजदीक है। ग्रामीणों ने कहा कि यह प्रशासन को आखिरी बार दी जा रही सूचना है। यदि इसके बाद भी बीड गनवर को कचौलिया पंचायत में रखा गया तो पूरा गांव पंचायत चुनाव में मतदान नहीं करेगा। पंचायत व उपखंड से गांव की बढ़ जाएगी दूरी : ग्रामीणों ने दिए ज्ञापन के जरिए बताया कि उनके गांव की पंचायत मुख्यालय से करीब 2 किलोमीटर और उपखंड मुख्यालय से करीब 11 किलोमीटर दूर है। गांव में 600 से अधिक मतदाता हैं। हालिया परिसीमन में बीड गनवर को गनवर से हटाकर कचौलिया पंचायत में जोड़ने पंचायत की गांव से करीब 7 किलोमीटर और उपखंड मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर हो गई है। विदित रहे हाल में सम्पन्न टोंक नगर परिषद के चुनावों में नवसृजित वार्ड नंबर 2 में शामिल डारडाहिंद के ग्रामीणों ने भी मतदान का बहिष्कार किया था। इसके चलते नगर परिषद के 60 में से 59 वार्डों में ही मतदान हुआ था। ^परिसीमन से जुड़ी मांग पर ग्रामीणों को बताया गया है कि जनगणना के चलते फिलहाल सीमाएं फ्रीज हैं। उनसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने का आग्रह किया है। उनकी मांग आगे भेजी जाएगी और संबंधित एसडीएम से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। - टीना डाबी, कलेक्टर