हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम दौर के सदाबहार गीतों को समर्पित गोल्डन एरा शो का 13वां संस्करण बिड़ला सभागार में आयोजित किया गया। हेल्दी स्माइल्स ग्रुप की ओर से आयोजित कार्यक्रम में 1960 के दशक से लेकर नए लोकप्रिय हिंदी फिल्मी गीतों की गायन प्रस्तुतियों ने दर्शकों को संगीत के अलग-अलग दौर की यादों से रूबरू कराया। कार्यक्रम में पुराने हिंदी फिल्मी गीतों के मैशअप और मेडले मुख्य आकर्षण रहे। कार्यक्रम में अल्पना राव ने ‘जवानी जानेमन’ गीत की प्रस्तुति से शुरुआत की। इसके बाद ऋचा खोड़ा ने ‘ये लो मैं हारी पिया’ गीत प्रस्तुत कर दर्शकों की तालियां बटोरीं। के.पी. सक्सेना ने ‘मुझे दुनिया वालों’ को अपने अंदाज में पेश किया। इसके बाद उन्होंने ‘दीवाने हैं दीवानों को’ और ‘कान में झुमका’ गीतों का मेडले प्रस्तुत किया। इस कार्यक्रम में आईएएस अधिकारी, डॉक्टर्स और जजेज ने प्रोफेशनल सिंगर्स की अपनी आवाज का जादू बिखेरा। समीर शर्मा की प्रस्तुति पर झूमे दर्शक कार्यक्रम में डॉ. समीर शर्मा ‘सैम’ ने ‘सारा जमाना’, ‘प्यार में दिल पे’ और ‘ओम शांति ओम’ जैसे गीतों को दर्शकों के बीच जाकर गाया। उनकी प्रस्तुति के दौरान दर्शक भी उनके साथ झूमते और गीतों का आनंद लेते नजर आए। डॉ. समीर शर्मा ने अल्पना राव के साथ युगल गीत ‘तेरा साथ है कितना प्यारा’ प्रस्तुत किया। वहीं कैलाश खेर के लोकप्रिय गीत ‘ऐ री सखी’ की प्रस्तुति भी दी। गीतिका और जितेंद्र ने भी बांधा समां गीतिका चतुर्वेदी ने ‘आ जा आई बहार’ गीत सुनाकर दर्शकों को पुराने दौर के संगीत की याद दिलाई। वहीं जितेंद्र मक्कर ने ‘तुम्हें अपना बनाने की कसम’ प्रस्तुत किया। उन्होंने गीतिका चतुर्वेदी के साथ ‘जिंदगी की टूटे ना लड़ी’ युगल गीत भी पेश किया। कार्यक्रम में अतिथि कलाकार आईएएस रवि जैन ने ‘समां है सुहाना’ गीत की प्रस्तुति दी। वहीं राजेश सक्सेना ने अपनी मुंह से सीटी निकालने की खास कला के जरिए गीतों के बीच संगीत का रंग भरा। मैशअप और मेडले ने बांधा समां गोल्डन एरा शो की सबसे खास बात हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम काल के लोकप्रिय गीतों के मैशअप और मेडले रहे। अलग-अलग दशक के गीतों को एक साथ पिरोकर प्रस्तुत किया गया। सदाबहार गीतों के साथ दर्शक भी कई मौकों पर गुनगुनाते और तालियां बजाते नजर आए। कार्यक्रम में राजस्थान के आयकर आयुक्त सुमित कुमार प्रधान मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर प्रसन्न खमेसरा, पूर्व भारतीय प्रशासनिक अधिकारी और संस्थापक ‘सृजन द स्पार्क’ को कला व संस्कृति क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन कबीर ने किया। वहीं संगीत संयोजन की जिम्मेदारी संजय माथुर ने संभाली।