राधाष्टमी के अवसर पर शनिवार को गुप्त वृन्दावन धाम में राधाष्टमी महोत्सव मनाया गया। वृन्दावन गार्डन में आयोजित कार्यक्रम में श्री श्री राधारमण जी का 108 कलशों से करीब एक घंटे तक महाभिषेक किया गया। इस दौरान हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे। श्री श्री राधारमण जी का साल में एक बार राधाष्टमी पर गुप्त वृन्दावन धाम आगमन होता है। जयपुर चारदीवारी में श्री गोविंद देवजी मंदिर के पास स्थित मंदिर से ठाकुर जी को हरिनाम संकीर्तन के साथ गुप्त वृन्दावन धाम लाया गया। यहां भक्तों ने उनके विशेष दर्शन किए। 51 प्रकार के फलों के रस और पुष्पों से अभिषेक मंदिर के अध्यक्ष अमितासना दास ने बताया - महाभिषेक में पंचामृत, दूध, दही और शहद के साथ 51 प्रकार के फलों के रस और 51 प्रकार के पुष्पों का इस्तेमाल किया गया। महाभिषेक के दौरान श्रद्धालु हरिनाम संकीर्तन में शामिल हुए। 12 घंटे चला अखंड हरिनाम संकीर्तन उन्होंने बताया- राधाष्टमी पर मंदिर में 12 घंटे का अखंड हरिनाम संकीर्तन हुआ। ठाकुर जी को 56 विशेष भोग लगाए गए। इसके बाद श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद की व्यवस्था की गई। कार्यक्रम में विशेष भजनों की प्रस्तुति और महाआरती भी हुई। तीन दिन पहले शुरू हुई कथा राधाष्टमी महोत्सव की तैयारियां तीन दिन पहले शुरू हो गई थीं। मंदिर में तीन दिवसीय राधाष्टमी कथा महोत्सव हुआ, जिसमें श्रीमती राधारानी की महिमा और श्रीकृष्ण के प्रति उनके प्रेम का वर्णन किया गया। मुख्य दिन पालकी उत्सव, कथा, हरिनाम संकीर्तन, महाभिषेक, भजन, महाआरती और महाप्रसाद सहित कार्यक्रम हुए।