स्पिक मैके की कार्यशाला के तहत राउमावि कोलाना और राउप्रावि चांदबावड़ी में विद्यार्थियों के समक्ष ओडिसी नृत्य की प्रस्तुति दी गई। ओडिशा से आई अंतरराष्ट्रीय नृत्यांगना शक्ति स्वप्ना ने विद्यार्थियों को ओडिसी नृत्य की विधाओं से रूबरू कराया। शक्ति स्वप्ना ने बताया कि शास्त्रीय नृत्य केवल कला की अभिव्यक्ति ही नहीं, बल्कि योग, भक्ति और ध्यान का भी माध्यम है। शास्त्रीय नृत्य के अभ्यास से ये तीनों कार्य एक साथ संपादित होते हैं, जिससे व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहने में मदद मिलती है। शुरुआत गणेश वंदना से कर नृत्यांगना ने गणेशजी के स्वरूपों को नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों को पताका, अर्द्धपताका, हस्तमुद्राओं के साथ अभंग, त्रिभंग, समभंग और चौक का अभ्यास कराया गया।