हनुमानगढ़ में आम लोगों को शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने और मिलावट पर रोक लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सख्ती की तैयारी की है। सीएमएचओ कार्यालय में हलवाई, मसाला और किराना यूनियन के पदाधिकारियों के साथ हुई बैठक में शादी-समारोहों और सामाजिक आयोजनों में परोसे जाने वाले खाद्य-पेय पदार्थों की जांच व सैंपलिंग करने के निर्देश दिए गए। आयोजकों को ऐसे कार्यक्रमों की सूचना पहले खाद्य विभाग को देनी होगी। खरीद का बिल और फूड लाइसेंस जरूरी सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा ने खाद्य कारोबारियों को निर्देश दिए कि वे खरीदी गई खाद्य सामग्री का बिल अनिवार्य रूप से लें। इससे सामग्री की गुणवत्ता खराब मिलने पर संबंधित थोक विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई की जा सकेगी। सभी खाद्य प्रतिष्ठानों पर वैध फूड लाइसेंस होना भी जरूरी है। नियमों की पालना नहीं करने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कर्मचारियों की फिटनेस और साफ-सफाई का रखें रिकॉर्ड खाद्य कारोबारियों को कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र, पेस्ट कंट्रोल और पानी की जांच रिपोर्ट का रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए। खाना बनाने वाले कर्मचारियों के लिए कैप, ग्लव्स और एप्रन पहनना जरूरी बताया गया। साथ ही, रसोईघर को साफ रखने और एक्सपायरी खाद्य सामग्री को अलग रखने की हिदायत दी गई। व्यापारियों ने बताईं अपनी समस्याएं बैठक में मौजूद खाद्य व्यापारियों ने कारोबार के दौरान आने वाली परेशानियों से अधिकारियों को अवगत कराया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुदेश कुमार गर्ग ने व्यापारियों की समस्याओं पर चर्चा करते हुए खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों और अन्य संबंधित अधिनियमों की जानकारी दी। बैठक में खाद्य कारोबारियों से नियमों की पालना कर आमजन को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।