DMK सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री ए राजा ने SIR को लेकर कांग्रेस पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि डीएमके शुरुआत से SIR का विरोध कर रही है। कांग्रेस को DMK की आलोचना करने का नैतिक अधिकार नहीं है। राजा DMK संसदीय दल की बैठक के बाद चेन्नई में मीडिया से बात रह रहे थे। बैटक में पार्टी ने चार प्रस्ताव पास किए। तमिलनाडु में कांग्रेस और डीएमके बीच 22 साल (2004 से मई 2026 तक) से गठबंधन था। मई में विधानसभा चुनाव के बाद टूट गया। कांग्रेस ने विजय की पार्टी TVK को समर्थन दिया और मिलकर सरकार चला रहे हैं। राजा बोले- DMK ने शुरुआत से विरोध किया राजा ने कहा कि DMK ने SIR लागू होने के समय से ही इसका विरोध किया है। पार्टी ने संसद के अंदर और बाहर कई कदम उठाए हैं। DMK का यह रुख अभी भी कायम है। DMK संसदीय दल का प्रस्ताव तमिलनाडु की जनता और देशभर के राजनीतिक पर्यवेक्षकों के सामने पार्टी के विरोध का क्रम रखने के लिए तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि SIR के जरिए वैध वोटर्स को वोटिंग के अधिकार से वंचित किया जा रहा है। स्टालिन ने जुलाई 2025 में SIR का विरोध शुरू किया था। उस समय बिहार में बड़ी संख्या में वोटर्स के नाम हटाए गए थे। DMK ने कहा कि कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर पर SIR का विरोध कर रही है, लेकिन केरलम और तमिलनाडु में वह इसी तरह की आलोचना से बच रही है। प्रस्ताव में TVK प्रमुख विजय की चुप्पी पर भी सवाल उठाया गया। इसमें SIR और CEC को हटाने की मांग पर उनके रुख का जिक्र किया गया। DMK ने कहा कि लोकतांत्रिक ताकतों ने हाल में TVK के साथ मिलकर SIR के खिलाफ प्रदर्शनों में हिस्सा लिया था। विधानसभा चुनाव के बाद टूट गया था गठबंधन --------------------------- ये खबर भी पढ़ें… केरलम सरकार का ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जांच का आदेश:2006 में PWD इंजीनियर की आत्महत्या का मामला; मुख्य चुनाव आयुक्त तब राज्य में सचिव थे केरलम के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने रविवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। पूरी खबर पढ़ें…