हनुमानगढ़ के गोगामेड़ी मेले में बाल श्रम और बाल भिक्षावृत्ति रोकने के लिए सीडब्ल्यूसी हनुमानगढ़ की टीम ने पुलिस के साथ जांच अभियान चलाया। जांच के दौरान टीम ने ढोल बजाकर श्रद्धालुओं से पैसे ले रहे दो नाबालिग लड़कों को पकड़ा। सीडब्ल्यूसी ने दोनों बच्चों के ढोल जब्त कर उन्हें अपनी देखरेख में लिया। बाद में माता-पिता को बुलाकर समझाइश दी गई और बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने का वादा लेने के बाद दोनों को उनके माता-पिता को सौंप दिया गया। मेले में कई जगहों पर जांच सीडब्ल्यूसी बैच मजिस्ट्रेट जितेंद्र गोयल ने मेले में कई जगहों का दौरा कर बाल श्रम और बाल भिक्षावृत्ति की स्थिति देखी। उन्होंने नाबालिग बच्चों से बाल श्रम और भिक्षावृत्ति नहीं करवाने तथा उनकी पढ़ाई सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा। ढोल बजाकर श्रद्धालुओं से ले रहे थे पैसे जांच के दौरान टीम की नजर दो नाबालिग लड़कों पर पड़ी, जो ढोल बजाकर श्रद्धालुओं से पैसे ले रहे थे। टीम ने दोनों बच्चों को अपने संरक्षण में लिया और उनके ढोल जब्त कर लिए। इसके बाद बच्चों के माता-पिता को मौके पर बुलाया गया। माता-पिता को समझाया, स्कूल भेजने का वादा सीडब्ल्यूसी की ओर से माता-पिता को बाल श्रम और बाल भिक्षावृत्ति के नुकसान के बारे में समझाया गया। बच्चों की शिक्षा जारी रखने और उन्हें नियमित रूप से स्कूल भेजने के लिए माता-पिता से वादा लिया गया। समझाइश और जरूरी कार्रवाई के बाद दोनों बच्चों को उनके माता-पिता को सौंप दिया गया। श्रद्धालुओं से भी की अपील सीडब्ल्यूसी मजिस्ट्रेट जितेंद्र गोयल ने मेले में मौजूद श्रद्धालुओं से अपील की कि वे छोटे बच्चों को पैसे न दें। उन्होंने कहा कि बच्चों को भीख देने के बजाय उन्हें पढ़ाई से जोड़ने और उनका भविष्य बनाने में मदद करनी चाहिए। बच्चों को शिक्षा और सही अवसर देकर ही उन्हें समाज का अच्छा नागरिक बनाया जा सकता है। लगातार निगरानी जरूरी गोयल ने बताया कि मेले जैसे बड़े आयोजनों में बाल श्रम और बाल भिक्षावृत्ति रोकने के लिए लगातार निगरानी और प्रभावी कार्रवाई जरूरी है। बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है। आम लोगों के सहयोग से ही इन सामाजिक बुराइयों पर रोक लगाई जा सकती है। पुलिस टीम भी रही मौजूद इस दौरान गोगामेड़ी थाना पुलिस टीम में एएसआई महावीर सिंह, हवलदार रीना मीणा, हवलदार बंशीलाल, अधिवक्ता एमएल शर्मा, दिनेश नैण, कॉन्स्टेबल विजय सिंह, कॉन्स्टेबल शिव भगवान, आरएसी आरक्षक दिनेशचंद्र, बिल्लूराम और जितेंद्र कुमार शामिल रहे।