मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता और उत्कृष्ट गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन में हनुमानगढ़ जिले ने राजस्थान में दूसरा स्थान हासिल किया है। जयपुर में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में जिले की टीम को सम्मानित किया गया। जिले में 10 सितंबर से 10 अक्टूबर तक आयोजित मानसिक स्वास्थ्य माह के दौरान आमजन को मानसिक समस्याओं के प्रति जागरूक करने, उनसे जुड़ी भ्रांतियां दूर करने और जरूरतमंदों को समय पर परामर्श व उपचार लेने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से व्यापक अभियान चलाया गया। तनाव और अवसाद के प्रति जागरूकता पर जोर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि मानसिक तनाव, अवसाद, चिंता और अन्य मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं वर्तमान समय में महत्वपूर्ण सामाजिक एवं स्वास्थ्य चुनौती बन रही हैं। पारिवारिक, सामाजिक, शैक्षणिक और व्यावसायिक परिस्थितियों के कारण कई लोग मानसिक दबाव का सामना करते हैं। ऐसे में समस्याओं की समय पर पहचान, जागरूकता और उचित चिकित्सकीय सहायता बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार के निर्देशानुसार जिले में ‘राज ममता मन दर्पण’ कार्यक्रम के तहत विशेष जागरूकता अभियान संचालित किया गया। स्कूल-कॉलेजों में कार्यशालाओं और प्रतियोगिताओं से दिया संदेश मानसिक स्वास्थ्य माह के दौरान जिले के चिकित्सा संस्थानों, स्कूलों और कॉलेजों में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। विद्यार्थियों, युवाओं और आमजन को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, तनाव प्रबंधन, अवसाद के लक्षणों की पहचान और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञों से सहायता लेने की जानकारी दी गई। अभियान के तहत कार्यशालाओं, व्याख्यानों, पेंटिंग और वाद-विवाद प्रतियोगिताओं, ओपन माइक कार्यक्रमों, सामूहिक शपथ और सोशल मीडिया कैंपेन के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य का संदेश जन-जन तक पहुंचाया गया। विद्यार्थियों को अपनी भावनाएं खुलकर व्यक्त करने, तनावपूर्ण परिस्थितियों में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने और मानसिक परेशानी होने पर परिवार, शिक्षकों या स्वास्थ्य विशेषज्ञों से संवाद करने के लिए प्रेरित किया गया। मानसिक परेशानी छिपाने के बजाय सहायता लेने की अपील जागरूकता कार्यक्रमों में इस बात पर जोर दिया गया कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को छिपाना या कमजोरी समझना उचित नहीं है। इनकी समय पर पहचान कर विशेषज्ञों से सहायता लेना जरूरी है। साथ ही मानसिक परेशानी से जूझ रहे लोगों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने और उन्हें सहयोगपूर्ण वातावरण उपलब्ध करवाने का संदेश दिया गया। सामूहिक प्रयासों से मिली राज्य स्तर पर उपलब्धि डॉ. शर्मा ने बताया कि जिले में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियों के प्रभावी संचालन में स्वास्थ्य विभाग की टीम, चिकित्सा एवं शैक्षणिक संस्थानों और संबंधित कार्मिकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विभिन्न माध्यमों से आमजन तक पहुंच बनाकर मानसिक स्वास्थ्य को लेकर सकारात्मक संवाद स्थापित किया गया। इन्हीं सामूहिक प्रयासों के परिणामस्वरूप जिले को राजस्थान में दूसरा स्थान मिला। राज्य स्तरीय समारोह में जिले की टीम सम्मानित जयपुर में आयोजित समारोह में मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन जोगाराम की उपस्थिति में हनुमानगढ़ जिले की टीम को पुरस्कार प्रदान किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के जिला नोडल अधिकारी डॉ. ओपी सोलंकी और मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. कीर्ति शेखावत सहित अन्य को सम्मानित किया गया। समारोह में अतिरिक्त मिशन निदेशक टी. शुभमंगला, निदेशक जन स्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा, एसएनओ डॉ. एस.एम. स्वामी तथा मनोचिकित्सक डॉ. शिव गौतम, डॉ. सुशील परमार और डॉ. अनिल अग्रवाल सहित विभाग के अनेक वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।