भास्कर संवाददाता | सिरोही दिल्ली-कांडला हाईवे पर सिरोही-रेवदर-मंडार खंड में अब सुबह 7 से रात 9 बजे तक भारी और वाणिज्यिक वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने राष्ट्रीय राजमार्ग-168 के इस खंड पर यातायात नियमन को लेकर आदेश जारी किए हैं। आदेश के अनुसार टोल संग्रह बंद होने के बाद भारी वाणिज्यिक वाहनों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए जनसुरक्षा और सड़क सुरक्षा के हित में यह निर्णय लिया गया है। मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 115 और राजस्थान मोटरयान नियम, 1990 की धारा 8.1 के तहत यह प्रतिबंध लगाया गया है। पुलिस और यातायात विभाग को आदेश की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन को उम्मीद है कि दिन के समय भारी वाहनों की आवाजाही रुकने से हादसों में कमी आएगी। 13 साल में 925 से ज्यादा हादसे, 590 से अधिक मौतें: : पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2013 से अब तक इस हाईवे पर 925 से ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इनमें 590 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। पूर्व में करोंटी, सिंदरथ और मंडार के पास स्टेट टोल संचालित था। करीब दो साल पहले हाईकोर्ट के आदेश के बाद टोल हटाया गया। इसके बाद इस मार्ग पर वाणिज्यिक वाहनों की आवाजाही बढ़ने की बात सामने आई है। अनादरा, रेवदर और मंडार जैसे कस्बों के बीच से भारी वाहन गुजरने के कारण रोजाना यातायात दबाव और वाहनों का जाम लगने की स्थिति बनती है। ग्रामीण इस समस्या को लेकर लंबे समय से बाइपास की मांग कर रहे हैं। इस मार्ग पर कई बड़े सड़क हादसे भी हो चुके हैं। जिला कलेक्टर तोमर बोले-सड़क सुरक्षा के लिए फैसला लिया गया ^राष्ट्रीय राजमार्ग-168 के सिरोही-रेवदर-मंडार खंड पर फोरलेन प्रस्तावित है। टोल संग्रह समाप्त होने के बाद भारी वाणिज्यिक वाहनों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए समिति की रिपोर्ट के आधार पर सुबह 7 से रात 9 बजे तक भारी वाहनों के यातायात पर प्रतिबंध लगाया गया है। पुलिस और यातायात विभाग को आदेश की पालना के निर्देश दिए हैं। - रोहिताश्व सिंह तोमर, कलेक्टर, सिरोही सिरोही से मंडार तक करीब 72 किलोमीटर लंबे इस हाईवे को फोरलेन करने का प्रस्ताव है। इसका नक्शा स्वीकृत हो चुका है। एनएचएआई की ओर से सिरोही और रेवदर खंड में जमीन अवाप्ति को लेकर गजट नोटिफिकेशन भी जारी किया जा चुका है। इसके बावजूद फोरलेन निर्माण का काम अभी धरातल पर शुरू नहीं हुआ है।