SIR के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर इंडिया ब्लॉक ने मंगलवार को संसद से चुनाव आयोग ऑफिस तक सेव डेमोक्रेसी मार्च निकाला। पुलिस ने इन्हें बीच में ही रोक दिया और हिरासत मे ले लिया। इस बीच राहुल और प्रियंका गांधी दिल्ली के आकाशवाणी भवन परिसर में घुस गए और 8 घंटे से ज्यादा समय तक धरने पर बैठे रहे। दोनों ज्ञानेश कुमार से मिलने पर अड़े थे। रात 8 बजे दिल्ली पुलिस राहुल और अन्य नेताओं को जबरन बसों में भरकर किंग्सवे कैंप पुलिस लाइन ले गई। सांसदों सहित करीब 250 लोग हिरासत में लिए गए। करीब दो घंटे की हिरासत के बाद रात 10:10 बजे इन्हें छोड़ा। राहुल ने एक्स पर लिखा- ‘लोकतंत्र के गद्दारों को बचाने के लिए बचे-खुचे लोकतंत्र को घसीटा गया है। हिसाब होगा। एक भी देशद्रोही बख्शा नहीं जाएगा।’ ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली और मुंबई में 5 दिन में विपक्ष का यह 7वां प्रदर्शन था। चुनाव आयोग ने कहा- किसी पार्टी ने मिलने का समय नहीं मांगा चुनाव आयोग ने कहा, "शाम 4 बजे तक किसी दल ने मिलने का समय नहीं मांगा। फिर पुलिस ने बताया कि राहुल के नेतृत्व में सांसद ज्ञापन देना चाहते हैं।" आयोग के अनुसार, संसद एनेक्सी में 240 सांसदों के साथ बैठक का प्रस्ताव था। ये असामान्य था। मौके पर वरिष्ठ अधिकारी को ज्ञापन देने का प्रस्ताव सांसदों ने नहीं माना। भाजपा बोली- वोट चोर कहने वाले राहुल खुद कामचोर भाजपा ने दिन में 4 प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विपक्ष पर हमला बोला। पार्टी ने इसे विपक्ष की अराजकता फैलाने और राहुल को रीलॉन्च करने की कोशिश बताया। राहुल को कामचोर बताते हुए कहा- वोट चोर कहने के बजाय खुद काम करें। दिनभर चले घटनाक्रम की 7 तस्वीरें…