प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि विकसित देशों का प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन भारत से करीब 6 गुना ज्यादा है, फिर भी जलवायु परिवर्तन की जिम्मेदारी अक्सर विकासशील देशों पर डाल दी जाती है। नई दिल्ली में शनिवार को ‘द फ्यूचर ऑफ एनवायरनमेंट एंड क्लाइमेट डायनेमिक्स’ इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन में मोदी ने कहा कि भारत का प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन वैश्विक औसत के आधे से भी कम है। मोदी ने कहा कि भारत परमाणु ऊर्जा उत्पादन को तेजी से बढ़ाने पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा, “जो लोग पर्यावरण पर बड़े-बड़े भाषण देते हैं, जब मैं परमाणु ऊर्जा का काम आगे बढ़ाता हूं तो वे इसे रोकने के लिए अदालतों में जाते हैं।” मोदी की स्पीच की 7 बड़ी बातें पेरिस कॉप-21 क्या है पेरिस कॉप-21 जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र के तहत आयोजित 21वां अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन था, जो 30 नवंबर से 12 दिसंबर 2015 तक फ्रांस की राजधानी पेरिस में हुआ था। इसमें करीब 195 देशों ने हिस्सा लिया और पेरिस समझौता अपनाया गया। इसका उद्देश्य दुनिया के औसत तापमान में बढ़ोतरी को 2°C से काफी नीचे रखना और 1.5°C तक सीमित करने की कोशिश करना था। इसके तहत हर देश ने कार्बन उत्सर्जन कम करने और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए अपने-अपने लक्ष्य तय किए थे। -------------- ये खबर भी पढ़ें… भारत को सेमीकंडक्टर हब बनाने की तैयारी:PM बोले- भारतीय चिप की दुनियाभर में सप्लाई शुरू; इसकी कमी से फोन-कार महंगे सरकार भारत को सेमीकंडक्टर हब बनाने की तैयारी में है। PM मोदी ने दिल्ली के यशोभूमि में सेमीकॉन इंडिया 2026 के पांचवें एडिशन का उद्घाटन किया। पूरी खबर पढ़ें…