प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत ब्रिक्स लीडर्स ने शुक्रवार को ब्रिक्स बिजनेस फोरम में ग्लोबल ट्रेड पर बात की। इसमें सबसे अहम बयान पुतिन का रहा। उन्होंने अमेरिका और यूरोप पर तंज कसते हुए कहा, पश्चिम अब कमजोर हो रहा है, पता नहीं ये देश खुद को G7 क्यों कहते हैं। दुनिया की 40% से ज्यादा GDP BRICS देशों से आई, G7 की हिस्सेदारी सिर्फ 29% रही। इसके बाद PM मोदी ने भी बिजनेस फोरम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों में दुनिया की आधी आबादी रहती है। ये दुनिया की 40% GDP में हिस्सा रखते हैं। भारत व्यापार बढ़ाना चाहता है और इसके लिए सुरक्षित समुद्री रास्ते जरूरी हैं। BRICS आर्थिक ताकत में आगे, G7 सिस्टम पर हावी रूसी राष्ट्रपति पुतिन के मुताबिक, PPP के आधार पर ब्रिक्स की हिस्सेदारी दुनिया की अर्थव्यवस्था में करीब 40% है, जबकि G7 की 18%। यानी आर्थिक आकार में ब्रिक्स आगे है। हालांकि G7 को कमजोर नहीं माना जा सकता। डॉलर, बैंकिंग, निवेश और तकनीक में उसका प्रभाव अब भी बड़ा है। दूसरी तरफ ब्रिक्स की ताकत बड़ी आबादी, प्राकृतिक संसाधन और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाएं हैं। बिजनेस फोरम में 4 ब्रिक्स नेताओं के अहम बयान प्रधानमंत्री मोदी, भारत: संघर्षों का समाधान डायलॉग और डिप्लोमेसी से ही निकलेगा, भारत शांति के प्रयासों में मदद के लिए तैयार है। राष्ट्रपति पजशकियान, ईरान: ब्रिक्स देशों को आपसी कारोबार में स्थानीय मुद्राओं का इस्तेमाल बढ़ाना चाहिए। राष्ट्रपति पुतिन, रूस: ब्रिक्स की अर्थव्यवस्था का आकार लगातार बढ़ रहा है। पश्चिमी देशों का दबदबा अब पहले जैसा नहीं रहा। राष्ट्रपति रामाफोसा, साउथ अफ्रीका: दुनियाभर के देशों को अपना खनिज देता रहे लेकिन वे अफ्रीकी देशों में निवेश न करे, ऐसा नहीं चलेगा। PM मोदी-पुतिन मुलाकात की 6 फोटोज पुतिन ने मोदी को रूस आने का न्योता दिया प्रधानमंत्री मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच भारत मंडपम में 45 मिनट बैठक हुई। इसके बाद दोनों नेता एक ही कार से इंडस्ट्रियल एग्जीबिशन पहुंचे। बैठक में भारत-रूस रिश्तों के साथ मिडिल ईस्ट और ब्लैक सी के हालात पर चर्चा हुई। पुतिन ने मोदी को 24वें भारत-रूस समिट के लिए रूस आने का न्योता दिया, जिसे PM ने स्वीकार कर लिया। खबर से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…