जल जीवन मिशन के तहत गांव-गांव नल कनेक्शन पहुंचाने के बाद अब जलदाय विभाग का फोकस इस बात पर है कि इन नलों में नियमित पानी आ भी रहा है या नहीं। ग्रामीण पेयजल योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए विभाग अब सीधे गांवों से संवाद करेगा। हर महीने होने वाले ‘राजस्थान पेयजल संवाद’में ग्रामीण खुद बताएंगे कि उन्हें कितनी नियमितता से पानी मिल रहा है, पानी की गुणवत्ता कैसी है और पेयजल व्यवस्था में कहां परेशानी आ रही है। जल भवन में जेजेएम एमडी ने जानी पानी की हकीकत जल भवन में गुरुवार को ‘राजस्थान पेयजल संवाद’ के द्वितीय संस्करण का आयोजन किया गया। इस बार संवाद का विषय‘सतत ग्रामीण पेयजल सेवाओं में समुदाय की भागीदारी’रहा। कार्यक्रम में जल जीवन मिशन के मिशन निदेशक राजन विशाल ने अलवर, जोधपुर, बीकानेर और कोटा जिले की ग्राम पंचायतों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सीधा संवाद किया गया। चीफ इंजीनियर भवानी सिंह शेखावत, राज सिंह चौधरी सहित अन्य मौजूद रहे। बीकानेर से वीसी के जरिए प्रमुख सचिव हेमन्त कुमार गेरा जुड़े। कनेक्शन से आगे अब नियमित जलापूर्ति पर जोर : जल जीवन मिशन के तहत घरों तक नल पहुंचने के बाद विभाग के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती इन योजनाओं को लंबे समय तक सुचारू बनाए रखना है। इसी वजह से संवाद में ग्रामीणों से निरंतर जलापूर्ति, जल वितरण व्यवस्था, हर घर जल प्रमाणन, अवैध कनेक्शन, जल गुणवत्ता परीक्षण, शिकायत निवारण और योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव को लेकर फीडबैक लिया गया।