भास्कर न्यूज | राजसमंद शहर के सीवरेज और ड्रेनेज सिस्टम में सुधार के लिए बजट बढ़ाने के साथ बेहतर मैनेजमेंट और अफसरों की सख्त निगरानी जरूरी है। प्रबुद्धजनों का मानना है कि केवल निर्माण पर खर्च करने के बजाय तकनीकी कमियां दूर करने, काम की मैपिंग और विभागों के बीच समन्वय पर ध्यान दिया जाना चाहिए। शहर के आगामी 30 वर्षों के विस्तार को देखते हुए एकीकृत सीवरेज-ड्रेनेज मास्टर प्लान बनाने की जरूरत है, ताकि भविष्य में जलभराव और बार-बार होने वाली सड़क खुदाई से राहत मिल सके। नगर परिषद के पास करने को कई काम हैं, लेकिन स्वच्छता नागरिकों के स्वास्थ्य और गरिमा से जुड़ा विषय है। हर साल बड़ा बजट और संसाधन खर्च करने के बाद भी हमारा शहर क्यों स्वच्छता रैंकिंग में इतना नीचे है? यही सवाल उठाएंगे हम इस भास्कर अभियान में और चुनाव लड़ रही पार्टियों से हमारे शहर को स्वच्छ बनाने और टॉप दस शहरों में लाने का प्लान बनवाएंगे, लागू भी करवाएंगे। शहर के नया बाजार निवासी पूर्व बार अध्यक्ष निवासी ललित साहू ने बताया कि शहर में पिछले एक साल से चल रहे गैस पाइप लाइन और अमृत जल योजना के कार्यों के कारण जगह-जगह खुदाई से यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इस समस्या से निपटने के लिए एकीकृत रोड योजना बनाई जाए। पूरे शहर में एक साथ खुदाई करने के बजाय काम को वार्ड या जोनवार पूरा करें, ताकि एक हिस्से की सड़क दुरुस्त होने के बाद ही दूसरे हिस्से में काम शुरू हो। इसके साथ ही निर्माण स्थलों पर बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर, दिन में दो बार पानी का छिड़काव करने और आपात स्थिति के लिए वार्ड स्तर पर 24 घंटे का कंट्रोल रूम स्थापित करें। सार्वजनिक शौचालयों में सुधार और शत-प्रतिशत करें कचरा पृथक्करण: किशोरनगर मंडा निवासी मार्बल व्यवसायी सूरज पालीवाल ने बताया कि शहर में सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति सबसे खराब है, जिसे सुधारने के लिए नियमित सफाई और निगरानी की जाए। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण में गीला, सूखा, सेनेटरी और हानिकारक कचरा अलग-अलग उठाने की व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करें। मुख्य बाजारों में ट्विन-बिन लगाने, रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था शुरू करने, सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और खुले में कचरा या मलबा फेंकने वालों पर भारी जुर्माना लगाए। एकीकृत रोड योजना से रुकेगी बार-बार खुदाई: मुखर्जी चौराहा कांकरोली निवासी व्यापारी सुरेश चोरड़िया ने बताया कि पाइप लाइन और सड़क निर्माण से जुड़े अलग-अलग विभागों के बीच समन्वय के लिए एकीकृत रोड योजना बनाई जाए, इसके तहत किसी भी नई सड़क के निर्माण से पहले सीवरेज, पेयजल और गैस पाइप लाइन का संयुक्त खाका तैयार किया जाएगा, जिससे नई बनी सड़कों को बार-बार न तोड़ना पड़े। सड़क तोड़े जाने की स्थिति में उसकी मरम्मत का बजट और समय सीमा निर्माण एजेंसी के लिए पहले से तय होगी।