जयपुर सेन्ट्रल जेल परिसर में संचालित निजी कैंटीन को लेकर हाईकोर्ट ने जेल आईजी, जेल अधीक्षक, जिला कलेक्टर सहित अन्य से जवाब मांगा है। जस्टिस इंद्रजीत सिंह और जस्टिस संदीप तनेजा की खंडपीठ ने यह निर्देश बबली शर्मा की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिकाकर्ता की अधिवक्ता सुप्रिया सक्सेना ने कोर्ट को बताया- जेल परिसर में संचालित यह कैंटीन बिना किसी वैध टैंडर प्रक्रिया के चल रही है। जेल परिसर में व्यावसायिक गतिविधियों का बिना सुरक्षा मंजूरी के चलना सुरक्षा, पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल खड़ा करता है। राजस्थान प्रिज़न्स रूल्स, 2022 के तहत जेल के आसपास तंबाकू व सिगरेट का बेचान पूरी तरह से प्रतिबंधित किया हुआ है। लेकिन जेल परिसर की कैंटीन में ही खुलेआम इनकी बिक्री हो रही हैं। उन्होने कोर्ट को बताया- आशाएं कैंटीन का कॉन्सेप्ट सरकार इसलिए लेकर आई थी कि यहां जेल के कैदियों द्वारा निर्मित सामान की बिक्री हो सके। लेकिन इस कैंटीन में कैदियों द्वारा निर्मित एक भी सामान को बिक्री के लिए नहीं रखा जाता है। इस पर कोर्ट ने नोटिस जारी करके मामले में जवाब मांगा हैं।