जयपुर में गोदामों को निशाना बनाने वाली उत्तर प्रदेश की एक गैंग का पुलिस ने शुक्रवार शाम को खुलासा किया है। पुलिस ने 3 बदमाशों को पकड़ा है, जिनके कब्जे से करीब 1 करोड़ रुपए का माल बरामद किया है। पुलिस अब गैंग से जुड़े अन्य लोगों और चोरी की वारदातों के बारे में जानकारी जुटा रही है। पुलिस जांच में सामने आया कि गैंग के सदस्य गोदामों से सामान चोरी करने के बाद उसे छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर कबाड़ी को बेचते थे। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ करने के साथ ही गिरोह के फरार बदमाशों की तलाश में दबिश दे रही है। गिरफ्तार आरोपियों में नकबजन गैंग के बदमाश भुरा (35) निवासी शाहरनपुर उत्तर प्रदेश हाल संजय नगर झोटवाड़ा, तसलीम उर्फ कलीम (35) निवासी शाहरनपुर उत्तर प्रदेश हाल शिवपुरी झोटवाड़ा और कुलदीप (27) निवासी महेन्द्रगढ़ हरियाणा हाल भोमिया नगर झोटवाड़ा है। डीसीपी (वेस्ट) प्रशांत किरण ने बताया- पुलिस ने CCTV फुटेजों के आधार पर आरोपी भुरा और तसलीम को नांगल जैसा बोहरा और कुलदीप को दादी का फाटक से पकड़ा है। जिनके कब्जे से जयपुर के दो गोदामों से चुराया करीब 1 करोड़ कीमत का माल बरामद किया है। पुलिस पूछताछ में कई अन्य वारदातों के खुलासे की संभावना है। CCTV फुटेज के आधार पर पकड़े गए आरोपी हरमाड़ा इलाके में 7 सितम्बर को एक कंपनी के गोदाम का लॉक तोड़कर स्क्रैप और गाड़ियों के कीमती पार्ट्स चोरी किए गए। गोदाम में लगे CCTV फुटेज में रात करीब 2:30 बजे 3-4 बदमाश गेट का लॉक तोड़कर अंदर घुसे। साथ में लाए बड़े टैम्पो में माल को भरकर ले जाते दिखाई दिए। चोरी गए माल की कीमत करीब 60 लाख रुपए बताई गई। उसके दो दिन बाद ही 9 सितम्बर की रात करणी विहार इलाके में वॉयर गोदाम को निशाना बनाया। CCTV फुटेज में चोर रात के समय पिकअप में कॉपर केबल के 7 बंडल भरकर ले जाते दिखाई दिए। पुलिस टीमें ने CCTV फुटेज के आधार पर तीनों बदमाशों को पकड़ा। यूपी से आकर वारदात, फिर वापस लौट जाते पूछताछ में सामने आया कि वह यूपी से वारदात करने जयपुर आते थे। जयपुर में दिन के समय कॉलानियों में गोदाम व दुकानों की रेकी करते। मंहगा सामान दिखने वाले गोदाम-दुकान को देखकर अपना रुट तैयार कर रात के समय वारदात करते। दो-तीन वारदात को अंजाम देने के बाद टुकड़ों में काटकर माल कबाड़ी को बेच देते थे। मिलने वाली रकम से गिरोह अपने शौक-मौज को पूरा करते थे। वारदात कर माल बेचने के बाद तुरंत वापस यूपी लौट जाते थे। कुछ दिन आराम करने के बाद दोबारा वारदात करने आ जाते थे।