सेक्सोलॉजिस्ट दीपक जुमानी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और चैटजीपीटी जैसे टूल्स सेक्सुअल हेल्थ से जुड़ी जानकारी जुटाने और डॉक्टरों की सहायता करने में उपयोगी हो सकते हैं, लेकिन मरीज के इलाज का अंतिम निर्णय डॉक्टर के क्लिनिकल जजमेंट के आधार पर ही होना चाहिए। सेक्सुअल मेडिसिन में काउंसलिंग को पहली थेरेपी के रूप में देखा जाना चाहिए। केवल दवा लेने से हर मरीज की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकता। जुमानी राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (RIC) में शारिरिक हेल्थ, सेक्सुअल डिस्फंक्शन, काउंसलिंग और बच्चों के यौन शोषण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जयपुर में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि AI कुछ ही सेकंड में हजारों-लाखों सूचनाओं और मेडिकल डेटा को सामने ला सकता है, लेकिन मरीज की भावनात्मक स्थिति, डर, शर्म, अपराधबोध और व्यवहार को समझने के लिए डॉक्टर की भूमिका जरूरी है। उन्होंने डॉक्टर को इलाज का ‘पायलट’ और AI को ‘को-पायलट’ बताते हुए कहा कि तकनीक डॉक्टर की मदद कर सकती है, उसकी जगह नहीं ले सकती। डायबिटीज, मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, स्मोकिंग और शराब जैसी आदतें भी सेक्सुअल हेल्थ को प्रभावित कर सकती हैं। कांफ्रेंस के आयोजन सचिव और जयपुर के सीनियर सेक्सोलॉजिस्ट डॉ. जॉली अरोड़ा ने कहा कि बच्चों के साथ होने वाले यौन शोषण के मामलों को सामाजिक बदनामी या अन्य कारणों से छिपाने के बजाय उचित प्रक्रिया के तहत रिपोर्ट करना जरूरी है। डॉक्टरों की भूमिका भी इसमें महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे बच्चे के व्यवहार और स्वास्थ्य में आए बदलावों से संभावित शोषण के संकेत पहचान सकते हैं। अचानक चुप रहने लगना, डरना, किसी व्यक्ति विशेष को देखकर घबरा जाना, व्यवहार में बदलाव या खुद को परिवार से अलग रखना, ऐसे संकेत हो सकते हैं, जिन पर माता-पिता और शिक्षकों को ध्यान देना चाहिए। विशेषज्ञों ने कहा कि शोषण के बाद बच्चे को केवल कानूनी कार्रवाई ही नहीं, बल्कि काउंसलिंग, मनोवैज्ञानिक सहयोग और लंबे समय तक सपोर्ट सिस्टम की भी जरूरत होती है। SEXCON 2026 के आयोजन अध्यक्ष डॉ. एमएन थरेजा ने कहा कि सेक्सुअल हेल्थ के साथ प्री और पोस्ट मैरिज काउंसलिंग भी महत्वपूर्ण है। शादी से पहले कपल्स को वैवाहिक जीवन, आपसी समझ, सेक्सुअल हेल्थ और एक-दूसरे से जुड़ी अपेक्षाओं के बारे में सही जानकारी मिलनी चाहिए। शादी के बाद बदलती जिम्मेदारियों और परिस्थितियों के कारण तनाव पैदा हो सकता है। ऐसे में काउंसलिंग कपल्स को एक-दूसरे को बेहतर समझने में मदद कर सकती है।