जलदाय विभाग में कर्मचारियों की लंबित समस्याओं को लेकर शुक्रवार को राजस्थान वाटर वर्क्स कर्मचारी संघ ने गांधीनगर स्थित जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के नगर वृत्त दक्षिण कार्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल शर्मा के नेतृत्व में सैकड़ों कर्मचारियों ने विभागीय अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी कर अपना आक्रोश जताया। प्रदर्शन के दौरान अधीक्षण अभियंता केशव श्रीवास्तव कार्यालय में मौजूद नहीं मिले, जिससे कर्मचारियों की नाराजगी और बढ़ गई। बाद में अतिरिक्त मुख्य अभियंता अजय सिंह राठौड़ ने कर्मचारी प्रतिनिधिमंडल से वार्ता कर लंबित समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। अधीक्षण अभियंता की अनुपस्थिति पर उठाए सवाल कर्मचारियों का कहना था कि लंबित समस्याओं को लेकर विभागीय अधिकारियों को कई बार ज्ञापन और पत्राचार के माध्यम से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद समाधान नहीं हुआ। संगठन ने 5 अगस्त और 17 अगस्त को भी समस्याओं के संबंध में अधिकारियों को पत्र लिखे थे। कार्रवाई नहीं होने पर 9 अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी गई थी। इसके बावजूद प्रदर्शन के दौरान अधीक्षण अभियंता के कार्यालय में मौजूद नहीं मिलने पर कर्मचारियों ने नाराजगी जताई और मुर्दाबाद के नारे लगाए। कर्मचारियों ने सवाल उठाया कि जब अधिकारियों को पहले ही प्रदर्शन की जानकारी दे दी गई थी, तो कर्मचारियों की समस्याएं सुनने के लिए जिम्मेदार अधिकारी कार्यालय में क्यों मौजूद नहीं थे। सेवानिवृत्ति के एक साल बाद भी पेंशन नहीं मिलने का मुद्दा प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने कई लंबित प्रकरणों को प्रमुखता से उठाया। इनमें सेवानिवृत्ति के एक वर्ष बाद भी पेंशन स्वीकृत नहीं होना, बकाया वेतन फिक्सेशन, पदनाम परिवर्तन और विभागीय आवासों व पंप हाउसों की मरम्मत जैसे मुद्दे शामिल रहे। कर्मचारी प्रतिनिधियों ने कहा कि वर्षों तक विभाग की सेवा करने वाले कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद भी पेंशन के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं, वेतन फिक्सेशन और पदनाम परिवर्तन में देरी से कर्मचारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विभागीय आवासों और पंप हाउसों की मरम्मत नहीं होने से जुड़ी समस्याओं के समाधान की भी मांग की गई। अतिरिक्त मुख्य अभियंता ने प्रतिनिधिमंडल से की वार्ता कार्यालय परिसर में नारेबाजी और कर्मचारियों के बढ़ते आक्रोश के बाद अतिरिक्त मुख्य अभियंता अजय सिंह राठौड़ ने कर्मचारी प्रतिनिधिमंडल को अपने कक्ष में बुलाया। इस दौरान प्रतिनिधियों ने लंबित प्रकरणों का बिंदुवार विवरण रखते हुए उनका समयबद्ध निस्तारण करने की मांग की। अजय सिंह राठौड़ ने समस्याओं का अतिशीघ्र समाधान करवाने और संबंधित अधिकारियों के साथ जल्द बैठक आयोजित कर लंबित मामलों पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इसके बाद कर्मचारियों का आक्रोश शांत हुआ। आश्वासन नहीं, ठोस कार्रवाई की मांग राजस्थान वाटर वर्क्स कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल शर्मा ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं का समय पर समाधान होना चाहिए। संगठन का उद्देश्य केवल आश्वासन प्राप्त करना नहीं, बल्कि लंबित प्रकरणों का वास्तविक निस्तारण सुनिश्चित करवाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आश्वासन के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से आगे भी विरोध दर्ज कराने के लिए बाध्य होगा। प्रदर्शन में ये पदाधिकारी और कर्मचारी रहे मौजूद प्रदर्शन में प्रदेश महामंत्री प्रभु सिंह रावत, कार्यवाहक अध्यक्ष ओमप्रकाश मीणा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामबक्ष वर्मा, प्रदेश कोषाध्यक्ष राजकुमार वर्मा सहित मंगल चंद शर्मा, मानप्रकाश सैनी, गोबिंद वर्मा, लक्ष्मण सिंह, राजेन्द्र कुमावत, कैलाश शर्मा, नईम भाई, बद्रीनारायण शर्मा, मंगल चंद बुनकर, गोपाल शर्मा, भंवर गुजर, गणेश गुजर, सतीश वर्मा, दीनदयाल कुमावत, हीरानंद, जगदीश सैनी, कृष्ण मुरारी शर्मा, प्रीतम सिंह, सांवत राम मीणा, गौरीलाल मीणा, कन्हैया गुजर, घनश्याम दत्त, फिरोज, कन्हैया अटल, अनिल शर्मा, प्रभुदयाल, जौहरी लाल, श्योपाल मीणा, राहुल, कालूराम सैनी, रामवतार शर्मा और सियाराम शर्मा सहित सैकड़ों कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रदर्शन के जरिए संगठन ने विभागीय प्रशासन को संदेश दिया कि कर्मचारियों की लंबित समस्याओं की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब सभी की नजरें विभागीय अधिकारियों की आगामी कार्रवाई और लंबित मामलों के निस्तारण पर टिकी हैं।