नाबालिग को बहला-फुसलाकर घर से ले जाने और रेप करने के मामले में जयपुर महानगर द्वितीय की पोक्सो कोर्ट-2 ने आरोपी मंशीराम उर्फ मनीष बैरवा को दोषी मानते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर 70 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। अदालत ने पीड़िता को 3 लाख रुपए क्षतिपूर्ति देने का भी आदेश दिया। साथ ही आरोपी से वसूले जाने वाले 70 हजार रुपए जुर्माने की राशि भी अपील की अवधि पूरी होने के बाद पीड़िता को देने के निर्देश दिए। मंदिर घुमाने के बहाने ले गया था आरोपी पीड़िता के अधिवक्ता हेमराज जांगिड़ ने बताया कि 26 मार्च 2026 की रात नाबालिग अपने दादा-दादी के साथ घर में सो रही थी। रात करीब 2 बजे वह वहां नहीं मिली। जांच में सामने आया कि आरोपी उसे मंदिर घूमने की बात कहकर अपने साथ ले गया था। इसके बाद वह उसे अलग-अलग जगहों से होते हुए अपने गांव के पास खेतों में ले गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया। डीएनए जांच की गई पुलिस ने बाद में नाबालिग को बरामद कर लिया था। मामले में डीएनए जांच रिपोर्ट भी अभियोजन के पक्ष में महत्वपूर्ण साक्ष्य बनी। कोर्ट के अनुसार पीड़िता के कपड़ों से मिले डीएनए प्रोफाइल आरोपी के डीएनए प्रोफाइल से मैच हुए हैं। बचाव पक्ष ने पीड़िता के आरोपी के साथ अपनी मर्जी से जाने और उसके बयानों में विरोधाभास होने की दलील दी थी। कोर्ट ने इसे खारिज करते हुए कहा कि पोक्सो कानून में नाबालिग की सहमति का कोई महत्व नहीं है।