जयपुर की शिप्रापथ थाना पुलिस ने शनिवार को नकबजनी और चोरी की वारदातों में शामिल गैंग का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने 100 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपियों को दबोचा। आरोपी नशे के लिए चोरी की वारदात करते थे। पहले मकानों की रेकी करते फिर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। आरोपी पुलिस से बचने के लिए ठिकाना बदल-बदलकर पार्क-झुग्गियों में छिपकर रहते थे। फिलहाल आरोपी से पूछताछ में जुट गई है। पुलिस ने गैंग के मुख्य सरगना सुनील पांचाल(23) और बैजनाथ कुमार मुखिया उर्फ राज (26) को गिरफ्तार किया है, जबकि एक बाल अपचारी को भी डिटेन किया गया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी का माल बरामद करने के साथ वारदात में यूज की गई मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। डीसीपी साउथ राजर्षि राज (आईपीएस) ने बताया कि 28 सितंबर को गायत्री नगर निवासी पराग कछवाहा ने शिप्रापथ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। परिवादी के मुताबिक, वह 26 सितंबर को परिवार के साथ पुष्कर गया था। अगले दिन रात करीब 2:25 बजे बदमाश चारदीवारी फांदकर घर में घुसे और ताले तोड़कर वारदात को अंजाम दिया। सुबह परिवार के लौटने पर घर के ताले टूटे मिले। जांच करने पर मकान से लैपटॉप, टैबलेट, मोबाइल, स्पीकर और चांदी का सामान चोरी होना सामने आया। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। 100 से ज्यादा CCTV कैमरों से मिला सुराग वारदात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे 100 से ज्यादा CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में सामने आए हुलिए और आरोपियों की गतिविधियों के आधार पर उनकी तलाश शुरू की गई। पुलिस ने पूर्व में चालानशुदा अपराधियों से पूछताछ की और मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दी। पुलिस ने सुनील पांचाल, बैजनाथ कुमार मुखिया उर्फ राज और एक बाल अपचारी को पकड़ा। आरोपियों के कब्जे से वारदात में चोरी किया गया माल बरामद किया गया। साथ ही वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल भी जब्त की गई। CCTV से बचने के लिए गलियों और पार्कों में छिपते थे पुलिस के अनुसार, आरोपी अस्थायी झुग्गी-झोपड़ियों में रहते हैं और दो-तीन दिन में अपना ठिकाना बदल लेते हैं। दिन में आसपास के सुनसान मकानों की रेकी करते थे और रात में पैदल जाकर नकबजनी की वारदात को अंजाम देते थे। वारदात के बाद CCTV कैमरों में पहचान से बचने के लिए आरोपी आसपास के पार्कों और झुग्गियों में जाकर छिप जाते थे। चोरी के सामान को आपस में बांटकर कम कीमत में बेच देते थे। नशे के लिए करते थे चोरी पुलिस के मुताबिक, आरोपी नशा करने के आदी है और नशे के लिए पैसों की जरूरत पूरी करने के लिए नकबजनी और चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। आरोपियों के खिलाफ जयपुर शहर के विभिन्न थानों में नकबजनी, चोरी और स्नैचिंग के कई मामले दर्ज है। पूछताछ में आरोपियों ने मुहाना थाना क्षेत्र के सुमेर नगर में भी नकबजनी की वारदात करना स्वीकार किया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और अन्य वारदातों के खुलासे की संभावना है।