जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल में तीन महीने (जुलाई, अगस्त, सितंबर) में स्क्रब टाइफस से 15 लोगों की मौत हो चुकी है। सितंबर में सबसे ज्यादा 9 मौत हुई। वहीं जनवरी से सितंबर तक 323 से ज्यादा मरीज भर्ती हुए हैं। डॉक्टरों के मुताबिक मौत के केसों में ज्यादातर मामले ऐसे हैं, जिनके इस बीमारी के कारण ऑर्गन फेल हो गए। इस बीमारी में जो मरीज शुरुआती समय में हॉस्पिटल नहीं पहुंचे, वो ज्यादा सी​रियस स्थि​ति में आ गए। सितंबर में स्क्रब टाइफस के अचानक बढ़े केसों ने हेल्थ डिपार्टमेंट की नींद उड़ा दी। सितंबर में SMS हॉस्पिटल में ही 213 से ज्यादा केस इस बीमारी के सामने आए हैं, जिनमें से 9 मरीज की इलाज के दौरान मौत हो गई। डेंगू-मलेरिया से ज्यादा केस स्क्रब टाइफस के अमूमन मानसून सीजन और उसके बाद मच्छर जनित बीमारियां तेजी से बढ़ती हैं, जिसमें डेंगू-मलेरिया और चिकनगुनिया है। लेकिन इस बार जितने केस डेंगू या मलेरिया के नहीं आ रहे, उससे ज्यादा मामले स्क्रब टाइफस के आ रहे हैं। पिछले तीन महीने में SMS हॉस्पिटल में डेंगू के 140 केस, मलेरिया का एक भी केस सामने नहीं आया, जबकि चिकनगुनिया के 72 केस आए हैं। डेंगू के 140 केसों में कोई ज्यादा सीरियस नहीं रहा और न ही किसी की मौत हुई।