राजस्थान के नगरीय निकाय चुनावों में राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। बीकानेर नगर निगम के नवनिर्वाचित कांग्रेस पार्षदों को एकजुट रखने के लिए जैसलमेर के एक होटल में ठहराया गया है, जहां बाड़ेबंदी के दौरान राजनीतिक माहौल गरमा गया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री डॉ. बीडी कल्ला ने जैसलमेर में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा- भाजपा सरकार पुलिस और खुफिया तंत्र का खुला दुरुपयोग कर रही है। जैसलमेर स्थित प्रशिक्षण शिविर में सीआईडी (CID) के अधिकारियों द्वारा पार्षदों से जबरन पहचान पत्र मांगने और उन्हें धमकाने का गंभीर मामला सामने आया है। यदि सरकारी मशीनरी का इस तरह का अनुचित दबाव जारी रहा तो कांग्रेस पार्टी इसका पुरजोर विरोध करेगी। कल्ला के बयान की बड़ी बातें बीकानेर में होटल को नोटिस का मुद्दा जैसलमेर की घटना के अलावा, बीकानेर में भी कांग्रेस पार्षद मनोज बिश्नोई के होटल 'शौर्य 3.0' को बीकानेर विकास प्राधिकरण (BDA) द्वारा अंतिम नोटिस दिए जाने का मामला तूल पकड़ गया। कांग्रेस ने इन दोनों घटनाओं को चुनाव से ठीक पहले पार्षदों पर राजनीतिक दबाव बनाने का हथकंडा बताया है। कल्ला ने पुलिस, प्रशासन और सरकारी एजेंसियों के जरिए कांग्रेस समर्थित पार्षदों तथा उनके परिवारों पर दबाव बनाने का आरोप लगाया गया और चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष रखने की मांग की गई।