जैसलमेर के भू गांव में जख्मी हालत में मिले केस्ट्रेल बाज का रेस्क्यू कर इलाज कराया गया। मोहम्मद रफीक के घर के पास मिले बाज के एक पंख में चोट लगी थी, जिससे वह उड़ नहीं पा रहा था। रफीक के परिवार ने उसे सुरक्षित घर में रखकर वन्यजीव प्रेमी साहिल खान को सूचना दी। साहिल मौके पर पहुंचे और बाज को पशु हॉस्पिटल ले गए, जहां उसके पंख पर दवा और पट्टी की गई। हालत स्थिर होने के बाद उसे वन विभाग को सौंप दिया गया। पूरी तरह स्वस्थ होने पर बाज को फिर खुले आसमान में छोड़ा जाएगा। घर के पास छटपटाता मिला पक्षी मोहम्मद रफीक के परिजनों ने घर के पास एक छोटे बाज को बेबस हालत में छटपटाते देखा। वह उड़ने की कोशिश कर रहा था, लेकिन उड़ नहीं पा रहा था। परिवार के लोगों ने बिना डरे उसे सुरक्षित तरीके से उठाया और घर ले गए। वहां उसके लिए पानी और छांव की व्यवस्था की गई। इसके बाद उन्होंने बिना देर किए वन्यजीव प्रेमी साहिल खान को फोन कर पूरी जानकारी दी। एक पंख में लगी थी गंभीर चोट सूचना मिलने पर साहिल खान तुरंत रफीक के घर पहुंचे। उन्होंने बाज को देखा तो उसके एक पंख में गंभीर चोट मिली। इसी वजह से वह उड़ने में असमर्थ था। साहिल ने सावधानी से उसे कपड़े में लपेटा और प्राथमिक देखभाल के बाद जैसलमेर शहर के पशु हॉस्पिटल ले गए। इलाज के बाद वन विभाग को सौंपा पशु हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने घायल बाज का इलाज शुरू किया। उसके जख्मी पंख पर दवा लगाकर पट्टी की गई। डॉक्टरों की निगरानी में हालत स्थिर होने के बाद बाज को सुरक्षित तरीके से स्थानीय वन विभाग के कर्मचारियों को सौंप दिया गया। अब वन विभाग उसकी देखभाल कर रहा है। पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद उसे वापस खुले आसमान में छोड़ दिया जाएगा। ग्रामीणों ने घायल पक्षी को सुरक्षित रखने और समय पर इलाज दिलाने के लिए रफीक के परिवार और साहिल खान के प्रयासों की सराहना की।