जैसलमेर शहर के गुरुद्वारा साध संगत परिसर में बुधवार रात उस समय हड़कंप मच गया, जब वहां एक खतरनाक कोबरा सांप दिखाई दिया। गनीमत रही कि समय रहते एक छोटी बच्ची की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया। स्थानीय लोगों की सूचना पर स्नेक कैचर साहिल खान मौके पर पहुंचे और चंद मिनटों में जहरीले सांप का सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। इसके बाद क्षेत्रवासियों और गुरुद्वारे में आने वाले श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली। बच्चों के खेलते समय दिखाई दिया जहरीला सांप बुधवार रात करीब 7 से 8 बजे के बीच गुरुद्वारे के आसपास बच्चे खेल रहे थे। इसी दौरान खेल रही एक छोटी बच्ची की नजर घास और झाड़ियों के पास छिपे एक विशाल कोबरा दिखाई दिया। जिसे देखकर बच्ची ने घबराने के बजाय सूझबूझ दिखाई और तुरंत अपने पिता व परिजनों को इसकी जानकारी दी। स्नेक कैचर ने किया रेस्क्यू बच्ची की सूचना के बाद परिजनों और आसपास के लोगों में खलबली मच गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शहर के स्नेक कैचर साहिल खान को मौके पर बुलाया गया। सूचना मिलते ही साहिल खान अपनी रेस्क्यू टीम और जरूरी उपकरणों के साथ गुरुद्वारा साध संगत पहुंचे। मौके पर पहुंचकर साहिल खान ने स्थिति का जायजा लिया और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। उन्होंने सावधानीपूर्वक करीब 5 से 10 मिनट में कोबरा को सुरक्षित पकड़ लिया और स्नेक केचिंग बॉक्स में बंद कर दिया। सुरक्षित जंगल में छोड़ा सांप गुरुद्वारा एक सार्वजनिक और धार्मिक स्थल है, जहां रोजाना श्रद्धालुओं, महिलाओं और बच्चों की आवाजाही रहती है। ऐसे में किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए रेस्क्यू किए गए कोबरा को सुरक्षित रूप से शहर से दूर प्राकृतिक जंगल क्षेत्र में ले जाकर छोड़ दिया गया। सफल और त्वरित रेस्क्यू अभियान के बाद स्थानीय नागरिकों ने स्नेक कैचर साहिल खान का आभार जताया। वहीं, समय रहते सांप को देखकर परिजनों को सूचना देने वाली बच्ची की भी लोगों ने सराहना की।