राजस्थान सरकार के स्वास्थ्य अभियान ‘सही खान-पान, स्वस्थ राजस्थान’ के तहत जैसलमेर जिले में स्कूली बच्चों को सेहत के प्रति जागरूक करने के लिए कार्यक्रम हुए। शहर के इमैनुएल मिशन सीनियर सेकेंडरी स्कूल और बड़ा बाग के सरकारी स्कूल में कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। राज्य में 3 से 16 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले इस अभियान का उद्देश्य बच्चों को जंक फूड यानी बाहर के चटपटे और नुकसानदायक खाने से दूर रखना और उन्हें घर के पौष्टिक खाने से जोड़ना है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुरलीधर सोनी और शिक्षा विभाग के संयोजन से हुए इन कार्यक्रमों में अधिकारियों ने बच्चों को सही खान-पान के बारे में बताया। साथ ही उन्हें सेहतमंद जिंदगी जीने की प्रेरणा भी दी। थोड़ा कम नमक, चीनी और तेल अपनाने की सलाह दी खाद्य सुरक्षा अधिकारी किशनाराम कड़वासरा और डॉ. गणेशाराम सुथार ने बच्चों को सरल भाषा में समझाया कि साफ-सुथरा और पौष्टिक खाना हमारे शरीर के लिए कितना जरूरी है। उन्होंने बच्चों को ज्यादा तेल, मीठी चीजें और पैकेट वाले नुकसानदायक खाने से होने वाली बीमारियों के बारे में बताया। अधिकारियों ने बच्चों को आज से थोड़ा कम नमक, चीनी और तेल अपनाने की सलाह दी। विशेषज्ञ बोले- पोषक तत्वों की जानकारी जरूर देखनी चाहिए विशेषज्ञों ने बच्चों को यह भी सिखाया कि बाजार से कोई भी खाने की पैकेटबंद चीज खरीदते समय उस पर FSSAI का नंबर, बनने की तारीख, एक्सपायरी डेट और उसमें मौजूद पोषक तत्वों की जानकारी जरूर देखनी चाहिए। इसके अलावा, खाना खाने से पहले और साफ-सफाई रखते हुए हाथ धोने के सही तरीके भी बताए गए, जिससे बच्चे बीमारियों से बचे रहें। खाद्य सुरक्षा अधिकारी किशनाराम कड़वासरा ने कहा कि बच्चों में बचपन से ही अच्छे खान-पान की आदतें डालना बहुत जरूरी है, जिससे उनका भविष्य स्वस्थ रहे। यदि बच्चे अभी से फल, हरी सब्जियां, दालें, दूध और मोटे अनाजों को अपनाना सीख लें, तो वे अपने पूरे परिवार को भी जागरूक कर सकते हैं। सही खान-पान की शपथ ली कार्यक्रम के आखिर में सभी बच्चों ने मिलकर सही खान-पान की शपथ ली। स्टूडेंट्स ने संकल्प लिया कि वे जंक फूड कम खाएंगे, रोज स्कूल में हेल्दी टिफिन लाएंगे, साफ-सफाई का ध्यान रखेंगे और अपने आस-पास के लोगों को भी सेहतमंद रहने के लिए प्रेरित करेंगे।