जालोर के भाद्राजून क्षेत्र के बाला गांव में एक बार फिर लेपर्ड का मूवमेंट देखने को मिला है। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और गांव के अलग-अलग इलाकों में पैरों के निशान देखकर निगरानी शुरू की। इसके बाद रविवार देर शाम गांव के पहाड़ी क्षेत्र में पिंजरा लगाया गया। साथ ही लेपर्ड की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए दो जगहों पर कैमरे भी लगाए गए हैं। 3 महीने बाद दूसरी बार दिखे पगमार्क जानकारी के अनुसार, भाद्राजून क्षेत्र के रामा, बाला सहित आसपास के कई गांवों में पिछले करीब पांच साल से लेपर्ड की गतिविधियां देखी जा रही हैं। ग्रामीणों को समय-समय पर पगमार्क नजर आते हैं। वन विभाग की ओर से पहले भी लेपर्ड को पकड़ने के लिए कई बार गश्त की गई और कैमरे और पिंजरे लगाए गए, लेकिन अब तक लेपर्ड पकड़ में नहीं आया है। टीम के अनुसार, लेपर्ड बार-बार अपना रास्ता और ठिकाना बदल लेता है, जिससे उसकी निगरानी करने और उसे पकड़ने में परेशानी हो रही है। करीब तीन महीने बाद दो दिन के अंदर बाला गांव में दोबारा लेपर्ड का मूवमेंट नजर आया। सूचना पर वन रक्षक भंवरलाल सहित वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने गांव के कई क्षेत्रों में लेपर्ड के पैरों के निशान देखे और उन्हें सुरक्षित करने के बाद पहाड़ी क्षेत्र में पिंजरा लगाया। हालांकि, अभी तक लेपर्ड पिंजरे में नहीं फंसा है। उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए कैमरों के जरिए भी निगरानी की जा रही है। ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह वन रक्षक भंवरलाल ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने सुनसान जगहों पर अकेले जाने और शाम ढलने के बाद बाहर निकलने से बचने की सलाह दी। साथ ही खेतों में फसल की रखवाली करते समय विशेष सावधानी बरतने को कहा है। वन विभाग की टीम क्षेत्र में गश्त कर लेपर्ड की गतिविधियों पर नजर रख रही है। यह खबर भी पढ़ें… लेपर्ड ने 20 मिनट में 2 लोगों पर हमला किया:दोनों की हालत गंभीर; ग्रामीणों ने कमरे में बंद किया था, रेस्क्यू टीम ने 9 घंटे में पकड़ा जालोर के नौसरा (आहोर) के रिहायशी इलाके में घुसे लेपर्ड ने महिला सहित 2 लोगों पर हमला कर दिया। पढ़ें पूरी खबर… जालोर के आहोर में फिर लेपर्ड का मूवमेंट:सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम; पिंजरा लगाया, ग्रामीणों में दहशत जालोर जिले के आहोर उपखण्ड के भैसवाड़ा व सामुजा गांव के पास जंगल में मंगलवार को लेपर्ड का मूवमेंट पाया गया है। पढ़ें पूरी खबर…