जालोर के जसवंतपुरा में दिनदहाड़े हुई बुजुर्ग महिला फाऊ देवी राजपुरोहित की हत्या और लूट के मामले में 2 महीने बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। हत्याकांड का पर्दाफाश न होने और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से परिजनों में रोष है। परिजनों ने जिला कलेक्टर डॉ. प्रदीप गवांडे को ज्ञापन सौंपकर विशेष जांच दल (SIT) की जानकारी देने, दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और जांच की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। दिनदहाड़े घर में घुसकर की थी हत्या और लूट परिजनों के अनुसार, 9 अगस्त 2026 को बिलड़ निवासी फाऊ देवी पत्नी कृपाराम राजपुरोहित के घर में घुसकर बदमाशों ने उनकी बेरहमी से हत्या कर दी थी। आरोपी घर से लगभग 16 ग्राम सोने की ज्वेलरी, 3.50 लाख रुपए कैश सहित अन्य कीमती सामान लूटकर फरार हो गए थे, जिसका जसवंतपुरा थाने में मामला दर्ज कराया गया था। 11 दिन में खुलासे के आश्वासन पर हुआ था अंतिम संस्कार घटना के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए रानीवाड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था, जहां परिजनों और ग्रामीणों ने हत्यारों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था और कार्रवाई का आश्वासन मिलने तक अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद तत्कालीन डीएसपी आवड़ादान चारण और रानीवाड़ा के पूर्व विधायक नारायण सिंह देवल सहित अन्य जिम्मेदार लोगों ने परिजनों से वार्ता की थी। उस दौरान एसआईटी गठित कर 11 दिनों के भीतर हत्याकांड का खुलासा करने का आश्वासन दिया गया था, जिसके बाद ही परिजनों ने अंतिम संस्कार किया था। परिजन बोले- पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट अब तक नहीं मिली कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में परिजनों का कहना है कि 11 दिन की तय अवधि बीतने के महीनों बाद भी न तो मामले का खुलासा हुआ और न ही किसी आरोपी की गिरफ्तारी हुई। परिजनों को एसआईटी द्वारा अब तक की गई कार्रवाई, जुटाए गए साक्ष्यों और प्रकरण की वर्तमान स्थिति की कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। इसके अलावा, परिजनों ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की कॉपी भी अभी तक नहीं देने का आरोप लगाया है। परिजनों की मुख्य मांगें मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी परिजनों और ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि मामले में जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो जालोर जिला मुख्यालय पर उग्र धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।