जालोर में नगर निकाय चुनाव के बाद नगर परिषद बोर्ड की पहली बैठक हंगामेदार रही। गुरुवार शाम 3 बजे नगर परिषद सभागार में हुई बैठक में भाजपा-कांग्रेस पार्षदों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। विवाद बढ़ने पर बैठक समाप्ति की घोषणा कर दी गई। बैठक की शुरुआत नवनिर्वाचित सभापति बंशीलाल माली और पार्षदों के सम्मान समारोह से हुई थी। इसके बाद शहर की सफाई, रोड लाइट, नालियों और विकास कार्यों को लेकर पार्षदों ने अपनी समस्याएं रखीं। इसी दौरान विवाद हो गया। भाजपा-कांग्रेस पार्षदों के बीच आरोप-प्रत्यारोप को लेकर विवाद हो गया। स्थिति बढ़ने पर सभापति ने बैठक समाप्त करने की घोषणा कर दी। सभापति के पदभार ग्रहण में भाजपा पार्षदों को नहीं बुलाने पर विरोध वार्ड-37 के पार्षद दिनेश महावर ने सभापति बंशीलाल माली को पदभार ग्रहण समारोह में भाजपा पार्षदों को नहीं बुलाने का उलाहना दिया। महावर बोले- अब आप किसी एक पार्टी के सभापति नहीं, बल्कि पूरे जालोर के सभापति हैं। सभी को साथ लेकर विकास कार्य किए जाएं तो भाजपा पार्षद भी सहयोग करेंगे। महावर ने बैठक की सूचना भी दो दिन पहले देने पर नाराजगी जताई और कहा कि बैठक की सूचना कम से कम सात दिन पहले दी जानी चाहिए थी। उन्होंने बताया कि कई पार्षद बाहर होने के कारण बैठक में नहीं आ सके, वहीं विधायक व मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग भी बाहर होने से उपस्थित नहीं हो पाए। इसके जवाब में कांग्रेस पार्षद बसंत सुथार बोले- जब भाजपा का बोर्ड था, तब भी कांग्रेस पार्षदों को पदभार ग्रहण कार्यक्रम में नहीं बुलाया गया था। इस पर महावर ने कहा-पिछली गलतियों को दोहराना जरूरी नहीं है। वार्ड-33 के पार्षद जयसिंह ने कहा-दोनों दलों के पार्षद आरोप-प्रत्यारोप छोड़कर जालोर के विकास के लिए मिलकर काम करें। हर महीने बोर्ड बैठक होनी चाहिए। निरीक्षण के बाद भी सफाई नहीं सुधरने पर नाराजगी वार्ड-34 के पार्षद श्रीकांत भूतड़ा ने कहा- सभापति ने कुछ पार्षदों के साथ शहर का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक कोई खास सुधार नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि निरीक्षण केवल मीडिया और सोशल मीडिया तक सीमित रह गया। बोर्ड कांग्रेस का जरूर है, लेकिन जनता ने किसी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं दिया है। सभी को मिलकर काम करना चाहिए। इस पर वार्ड-23 के पार्षद सुरेश मेघवाल ने कहा- निरीक्षण के बाद शहर में कई जगह काम हुए हैं और सफाई कार्य भी जारी है। दोनों के बीच तीखी बहस हुई। भूतड़ा ने मेघवाल से कहा कि पहले सदस्य को अपनी बात पूरी करने दें, बीच में हस्तक्षेप नहीं करें। वार्ड-40 में चार सफाई कर्मचारी लगाने की मांग वार्ड-40 के पार्षद कैलाश माहेश्वरी ने कहा- सभापति जब भी किसी वार्ड का निरीक्षण करें तो स्थानीय पार्षद को साथ लेकर जाएं। वार्ड-40 क्षेत्रफल और जनसंख्या की दृष्टि से बड़ा है। इसमें पूर्व ग्रामीण क्षेत्र का हिस्सा भी शामिल हुआ है, जहां सड़क, स्ट्रीट लाइट और अन्य सुविधाओं की कमी है। उन्होंने प्रत्येक वार्ड में सफाई व्यवस्था के लिए चार कर्मचारी लगाने का सुझाव दिया। वार्ड-1 और वार्ड-2 के पार्षदों ने भी सड़क, सफाई और लाइट की समस्याएं रखीं। शिकायतों के बाद भी काम नहीं होने से पार्षद नाराज वार्ड-6 के पार्षद मुकेश सांखला ने कहा- मेरे वार्ड में करीब 40 रोड लाइटें पहले से बंद हैं। नालियों की सफाई और निर्माण को लेकर कई बार सभापति व आयुक्त से शिकायत की, लेकिन समाधान नहीं हुआ। लालपोल क्षेत्र में नाली ओवरफ्लो होने पर कर्मचारी आए और औपचारिकता पूरी कर चले गए। कुछ देर बाद फिर नाली ओवरफ्लो हो गई। उन्होंने कहा कि जब पार्षदों की शिकायतों का समाधान नहीं हो रहा तो आम जनता के काम कैसे होंगे। वार्ड-21 के पार्षद हुक्मीचंद सोलंकी ने 35 साल पुराने नाले की समस्या उठाई। उन्होंने कहा कि नाले का पानी सड़क पर भरने से कॉलोनीवासियों को परेशानी हो रही है। भाजपा के पुराने बोर्ड को लेकर विवाद, बैठक समाप्त भाजपा पार्षदों के आरोप के दौरान वार्ड-23 के सुरेश मेघवाल ने कहा कि 12 साल तक भाजपा का बोर्ड रहा, लेकिन शहर में विकास और सफाई के पर्याप्त काम नहीं हुए। इस पर वार्ड-12 के पार्षद कैलाश माली ने आपत्ति जताते हुए कहा कि पुराने बोर्ड की बात छोड़कर वर्तमान बोर्ड के काम पर चर्चा की जाए। दोनों पक्षों में विवाद बढ़ने पर अन्य पार्षदों ने बीच-बचाव का दोनों पार्षदों को शांत कराने का प्रयास किया। उसके बाद भी विवाद शांत नहीं हुआ तो सभापति ने बैठक की समाप्ति की घोषणा कर दी। बैठक में सभापति बंशीलाल माली ने पार्षदों के सवालों के जवाब देते हुए समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। बैठक में आयुक्त शिवपाल सिंह, पार्षद और नगर परिषद के कार्मिक मौजूद रहे।