नगर परिषद चुनाव के प्रचार के अंतिम दौर में जालोर में भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने हैं। भाजपा ने प्रदेश स्तरीय संकल्प पत्र जारी कर जालोर को कचरा मुक्त, कीचड़ मुक्त और पर्यावरण युक्त बनाने का वादा किया है। वहीं कांग्रेस ने जनसभा के जरिए भाजपा के 15 साल के नगर परिषद बोर्ड और शहर की बदहाल व्यवस्थाओं को मुद्दा बनाया। दोनों दलों ने एक-दूसरे के विकास कार्यों और दावों पर सवाल उठाते हुए मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की कोशिश की। गर्ग बोले- मेडिकल कॉलेज पीपीपी मोड पर चलाएंगे मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने कहा कि कांग्रेस जिन विकास कार्यों का हवाला देकर जनता के बीच जा रही है, उनमें कई काम सिर्फ शिलान्यास तक सीमित रहे, जबकि भाजपा ने कामों को धरातल पर उतारा है। उन्होंने कहा कि बोर्ड बनने के बाद कचरा मुक्त, कीचड़ मुक्त और पर्यावरण युक्त जालोर बनाना भाजपा की प्राथमिकता होगी। गर्ग ने बताया कि शहर की सड़कों के लिए 6 करोड़ रुपए के टेंडर किए गए हैं। यदि आयुक्त स्तर पर टेंडर में कोई गड़बड़ी हुई है तो उसकी जांच कराई जाएगी। आनन-फानन में खोले गए मेडिकल कॉलेज को अब पीपीपी मोड पर संचालित किया जाएगा। बागियों के सवाल पर गर्ग ने कहा कि पार्टी में कोई बागी नहीं है। 300 से ज्यादा आवेदन आए थे और पार्टी ने समर्पित कार्यकर्ताओं के साथ जिताऊ उम्मीदवारों को भी टिकट दिया है। वैभव गहलोत बोले- 15 साल से भाजपा का बोर्ड, फिर भी मूलभूत सुविधाएं बदहाल लोकसभा क्षेत्र के कांग्रेस प्रत्याशी रहे वैभव गहलोत ने कहा कि जालोर में 15 साल से भाजपा का बोर्ड रहा है, लेकिन शहर में सड़क, नाली और सीवरेज जैसी मूलभूत सुविधाओं की स्थिति आज भी खराब है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के समय स्वीकृत किले की सड़क, मेडिकल कॉलेज और बागरा फोरलेन जैसे विकास कार्यों को भाजपा सरकार रोकने का प्रयास कर रही है। पूर्व राज्य मंत्री पुखराज पाराशर ने भी कांग्रेस सरकार के समय स्वीकृत कार्यों को रोकने और भू-माफियाओं को लाभ पहुंचाने के आरोप लगाए। जिला अध्यक्ष रमिला मेघवाल ने कहा कि 15 साल के भाजपा बोर्ड के बावजूद शहर में पानी और सीवरेज की समस्या का समाधान नहीं हुआ। समन्वयक हिमपाल सिंह देवल ने भी जनसभा को संबोधित किया।