अमीर बनने के लिए नशा तस्कर बने मजदूर को जालोर पुलिस ने गुजरात से दबोचा है। पुलिस के कर्नाटक पहुंचने की झूठी सूचना पर बदमाश बचने के लिए भाग रहा था। गुजरात में दोस्त के घर रुका। वहां से दिल्ली भागने से पहले ही पकड़ा गया। 6 राज्यों का वांटेड बदमाश मध्यप्रदेश से जालोर के क्षेत्र में नशे की तस्करी करता था। मजदूरी से नशे के कारोबार में आया पुलिस के अनुसार कमलेश ने 10वीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी। उसने सांचौर में कपड़े की दुकान और हैदराबाद में स्टील रेलिंग की दुकान पर करीब दो साल काम किया। कम आमदनी से संतुष्ट नहीं होने के कारण वह अपने पुराने साथियों के संपर्क में आया, जो मादक पदार्थों की तस्करी से अधिक पैसा कमा रहे थे। इसके बाद उसने मध्यप्रदेश के तस्करों से संपर्क किया और स्मैक की तस्करी शुरू कर दी। बाद में वह एमडी की तस्करी और सप्लाई में भी सक्रिय हो गया। करीब तीन साल पहले जालोर कोतवाली पुलिस ने उसे स्मैक के साथ गिरफ्तार किया था। जेल से बाहर आने के बाद भी उसने तस्करी का काम नहीं छोड़ा। पुलिस के अनुसार वह मध्य प्रदेश से मादक पदार्थ लाकर जालोर क्षेत्र में सप्लाई करता रहा। इसके बाद उसके खिलाफ तीन एनडीपीएस प्रकरण दर्ज हुए। कर्नाटक पहुंचने की फैलाई खबर, आरोपी ठिकाना बदलकर गुजरात आया आरोपी गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत में ठिकाने बदलता रहा। एएनटीएफ टीम को सूचना मिली कि वह कर्नाटक में छिपा हुआ है, लेकिन उसका सटीक ठिकाना पता नहीं चल पा रहा था। आरोपी को बाहर निकालने के लिए टीम ने रणनीति बनाई और लातूर, महाराष्ट्र में टीम भेजकर उसके परिचितों के माध्यम से यह सूचना प्रसारित करवाई कि एएनटीएफ कर्नाटक पहुंच गई है। पुलिस के कर्नाटक पहुंचने की खबर मिलने पर आरोपी वहां से निकलकर ट्रेन से गुजरात पहुंचा और एक दोस्त के यहां ठहरा। इसके बाद वह दोस्त की कार से गुजरात से दिल्ली की ओर रवाना हुआ। एएनटीएफ ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखी और कार का पता लगाकर पीछा किया। इसके बाद टीम ने बीच में ही आरोपी कमलेश को गिरफ्तार कर लिया।