श्रावण शुक्ल पक्ष चतुर्दशी के अवसर पर श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान, जसोल में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। सुबह से ही भक्त जसोल धाम पहुंचने लगे। श्रद्धालुओं ने श्री राणीसा भटियाणीसा, श्री बायोसा, श्री सवाई सिंह जी, श्री लाल बन्नासा, श्री खेतलाजी और श्री काला-गोरा भैरूजी के मंदिरों में दर्शन-पूजन किया। उन्होंने अपने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। दिनभर मंदिर परिसर जयकारों और भक्तिमय वातावरण से गूंजता रहा। इस अवसर पर भोजन प्रसादी के लाभार्थी फलौदी निवासी पन्नालाल पुत्र अम्बालाल व्यास (पीसीसी अध्यक्ष) और सुमन व्यास पत्नी महेश व्यास रहे। लाभार्थी परिवार ने संस्थान परिसर के सभी मंदिरों में श्रद्धापूर्वक भोग अर्पित किया। लाभार्थी परिवार ने जसोल धाम पहुंचे श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया। इसके साथ ही, सर्व समाज की कन्याओं का पूजन किया गया। कन्याओं को फल, प्रसाद भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया गया और उन्हें भोजन प्रसादी करवाई गई। इस पूरे आयोजन में सेवा, श्रद्धा और सनातन परंपराओं का संगम देखने को मिला। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए संस्थान की व्यापक व्यवस्थाएं चतुर्दशी पर बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं को सुगम एवं व्यवस्थित दर्शन उपलब्ध करवाने के लिए संस्थान द्वारा व्यापक व्यवस्थाएं की गईं। संपूर्ण मंदिर प्रांगण में सीसीटीवी कैमरों से सतत निगरानी, पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम, शीतल पेयजल, सुव्यवस्थित प्रसाद वितरण, गोल्फ कार्ट एवं व्हीलचेयर सुविधा, भोजन प्रसादी तथा विश्राम हेतु उचित स्थलों की व्यवस्था की गई। संस्थान की टीम द्वारा दिनभर व्यवस्थाओं की निगरानी करते हुए श्रद्धालुओं को आवश्यक सहयोग प्रदान किया गया। इस अवसर पर संस्थान के प्रवक्ता कुंवर हरिशचंद्र सिंह जसोल ने कहा - संस्थान श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुगम दर्शन व्यवस्था को निरंतर सुदृढ़ कर रहा है। जसोल धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुविधाओं का निरंतर विस्तार एवं उन्नयन किया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि यहां आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सहज, सुव्यवस्थित एवं भक्तिमय वातावरण में दर्शन का लाभ प्राप्त हो। श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास ही संस्थान की सेवा भावना का आधार है। इसी भाव के साथ मंदिर परिसर में व्यवस्थाओं को समयानुकूल और अधिक सुदृढ़ करते हुए प्रत्येक श्रद्धालु की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने श्री राणीसा भटियाणीसा से समस्त भक्तों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की मंगलकामना करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की सेवा, सुविधा एवं सुगम दर्शन व्यवस्था संस्थान का मूल उद्देश्य है।