भरतपुर में 15 अक्टूबर से शुरू होने वाली ऐतिहासिक जसवंत प्रदर्शनी की दुकानों की नीलामी में इस बार रेट 10 गुना तक बढ़ गए हैं। आरोप है कि कुछ ब्रोकर नीलामी में कम दाम पर दुकानें लेकर बाहर के व्यापारियों को महंगे दाम पर दे रहे हैं। व्यापारियों पर नीलामी में शामिल होने के लिए दबाव बनाने की भी चर्चा है। इसे देखते हुए नीलामी स्थल पर पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। अब तक करीब 80 दुकानों की नीलामी हो चुकी है। वहीं, सर्कस और झूले लगाने के लिए 2 करोड़ रुपए का पब्लिक लायबिलिटी इंश्योरेंस जरूरी किया गया है। अब तक 80 दुकानों की नीलामी पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. अरविंद सिंह चौधरी ने बताया - आज करीब 80 दुकानों की नीलामी की गई। इससे विभाग को अच्छा रेवेन्यू मिला है। अब तक करीब 80 दुकानों की नीलामी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि कल सर्कस, झूले और खजला बाजार की नीलामी होगी। सर्कस-झूले के लिए 2 करोड़ का इंश्योरेंस जरूरी इस बार सर्कस और झूले लगाने के लिए नया नियम जोड़ा गया है। इनके संचालकों के पास 2 करोड़ रुपए का पब्लिक लायबिलिटी इंश्योरेंस होना जरूरी है। इसके बिना विभाग झूला लगाने की अनुमति नहीं देगा। अगर कोई व्यापारी बिना इंश्योरेंस के सर्कस या झूले का प्लॉट लेता है, तो उसकी जमानत राशि जब्त कर ली जाएगी। नीलामी में ब्रोकरों के सक्रिय होने की चर्चा हर साल नुमाइश मैदान में जसवंत प्रदर्शनी आयोजित की जाती है। इसमें दूर-दराज के इलाकों से व्यापारी दुकानें लगाने आते हैं। दुकानों के आवंटन के लिए नीलामी प्रक्रिया होती है, लेकिन इस बार इसमें कुछ ब्रोकरों के सक्रिय होने की बात सामने आई है। बाहर के व्यापारियों पर दबाव बनाने के आरोप आरोप है कि ब्रोकर नीलामी में कम दाम पर दुकानें लेकर बाहर के व्यापारियों को महंगे दाम पर दे रहे हैं। कुछ व्यापारियों पर नीलामी में शामिल होने के लिए दबाव बनाए जाने की बात भी कही जा रही है। इसे देखते हुए विभाग में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, ताकि नीलामी प्रक्रिया में ब्रोकरों की गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।