जवाहर सर्किल के पास जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) की जमीन पर बस्ती बस गई थी, जेडीए खाली नहीं करा पा रहा था। जेडीए ने पुलिस को ऑफर दिया- कब्जे हटवा लो, यह जमीन पुलिस विभाग को राजस्थान पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन के लिए देंगे। पुलिस ने जनवरी 2026 में जमीन खाली करवा ली। जेडीए ने पुलिस से जमीन के बदले 4.50 करोड़ रुपए ले रजिस्ट्री करवाई और पट्टा दे दिया। पुलिस यहां बिल्डिंग का नक्शा तैयार कर भूमि पूजन कराने ही वाली थी कि जेडीए ने पट्टा निरस्त कर दिया। जमीन पर जेडीए संपत्ति का बोर्ड लगा दिया गया है। पुलिस को जेडीए की तरफ से मैसेज है- यह निर्णय मुख्यमंत्री के निर्देश पर किया गया है। दरअसल, राजस्थान पुलिस इंफ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट कार्पोरेशन का ऑफिस पुलिस मुख्यालय की सातवीं मंजिल पर है। इसके नए भवन के लिए जेडीए ने जवाहर सर्किल के पास होटल ललित के पीछे जमीन चिह्नित की। फरवरी 2025 में आवंटन का निर्णय हुआ और मई 2025 में कार्पोरेशन की तत्कालीन एमडी बिनिता ठाकुर के नाम लीज होल्ड पट्टा जारी करने के आदेश हुए। इसके बाद पुलिस ने कब्जा हटाए का काम शुरू किया। पुलिस, जेडीए प्रवर्तन शाखा और अन्य विभागों के साथ मिलकर जनवरी 2026 तक सब कब्जे हटाकर पास ही सड़क पर शिफ्ट करवा दिए। कार्पोरेशन ने इसी वर्ष 4.5 करोड़ रुपए (डीएलसी रेट पर) की रजिस्ट्री कराई। अब अचानक पट्टा निरस्त कर दिया। अब रजिस्ट्री खर्च और चारदीवारी के खर्च पर दोनों विभागों में ठनी हुई है। यही नहीं, कुछ साल पहले खुला जामडोली थाना किराए के भवन में संचालित है। वर्ष 2025 में जेडीए ने केशव विद्यापीठ के पास 5 हजार मीटर जमीन थाने के लिए दी। मई 2025 में कब्जा पत्र दे दिया। पुलिस वहां काम शुरू करने की तैयारी में थी कि जुलाई 2026 में यह आवंटन भी निरस्त कर दिया गया। अब इसकी जगह सुमेल में 2 हजार मीटर जमीन देने का निर्णय जेडीए ने किया है। कॉरपोरेशन को दिया गया पट्टा निरस्त कर दिया गया है। अब जेडीए ने प्लानिंग बदल दी है। उस स्थान पर मल्टीस्टोरी तैयार की जाएगी। इसके लिए बजट वित्त विभाग देगा। पुलिस को जरूरत है तो उसी में जगह दे देंगे। पुलिस के साथ अन्य विभागों के लिए भी आने वाले समय में इसी तरह की योजना रहेगी। -हेमंत कुमार, उपायुक्त जोन-सी, जयपुर विकास प्राधिकरण