राजस्थान का एकमात्र ग्रीन गोल्फ कोर्स है रामबाग गोल्फ क्लब। यह 89.74 एकड़ में बना है। इसकी हरी-भरी खूबसूरती पर दाग की तरह है 4.21 एकड़ की वह जमीन जो कि बंजर हो गई है। दस साल से यह भूमि खाली है। जब गोल्फ कोर्स के लिए जमीन आरक्षित की गई थी उस समय कहा गया था कि 4.21 एकड़ की जमीन भी जब खाली होगी तो रामबाग गोल्फ क्लब को ही दी जाएगी। लेकिन जेडीए ने एक तरह से इस पर ‘अतिक्रमण’ कर रखा है। न यहां पर इंटरनेशनल मैच हो पा रहे हैं ना ही हम इंटरनेशनल गोल्फर ही तैयार कर पा रहे हैं। हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के फैसले भी मानने को तैयार नहीं है जेडीए। अगर हमें यह जमीन मिल जाए तो हम इस पर अंतरराष्ट्रीय स्तर की ड्राइविंग रेंज विकसित करना चाहते हैं। हमारा गोल्फ कोर्स अंतरराष्ट्रीय स्तर (18 होल) का है लेकिन ड्राइविंग रेंज नहीं होने से हम अन्य राज्यों के खिलाड़ियों से पीछे रह जाते हैं।’ -योगेन्द्र सिंह, कप्तान, रामबाग गोल्फ क्लब गोल्फ कोर्स का यह मामला पुराना है। इसमें तत्काल कुछ नहीं कह सकते। कोर्ट के क्या फैसले हैं मुझे अभी इसकी जानकारी नहीं है। इसकी प्रक्रिया कहां तक पहुंची है यह इसकी फाइलें देखने के बाद ही पता चलेगा।’ -रवींद्र कुमार शर्मा, डिप्टी कमिश्नर, जेडीए जोन-1 गोल्फ के पक्ष में सभी फैसले 2000/2003; हाईकोर्ट खंडपीठ के निर्देशों की पालना में राज्य सरकार ने गोल्फ के विकास के लिए करीब 89.74 एकड़ जमीन गोल्फ कोर्स के लिए आरक्षित की थी। 25.9.2001 : सेटलमेंट को चुनौती देने वाली दो याचिकाओं को राजस्थान हाईकोर्ट बेंच ने खारिज कर दिया था। इसमें राज्य सरकार को इस सेटलमेंट को लागू करने का निर्देश दिया था। 21.7.2003 : हाईकोर्ट के आदेश की चुनौती पर सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी लगी। इसे भी सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया। इससे 4.21 एकड़ भूमि रामबाग गोल्फ क्लब को सौंपने का रास्ता साफ हो गया फिर भी जेडीए नहीं सौंप रहा। सेटलमेंट; फाइनली यह तय हुआ था कि राजस्थान सरकार के शहरी विकास मंत्रालय के सचिव रामबाग गोल्फ क्लब के अध्यक्ष और जयपुर विकास आयुक्त इसके उपाध्यक्ष होंगे। क्लब जेडीए को लीग रेंट पे करेगा। इसका नाम जेडीए गोल्फ कोर्स होगा।