झालावाड़ जिले के किसानों को अब फसलों से जुड़ी समस्याओं के हल के लिए विशेषज्ञ सेवाएं मिलेंगी। यहां जिला मुख्यालय पर बस स्टैंड के पास कृषि कार्यालय परिसर में एग्री क्लीनिक बनाया जा रहा है। इसके शुरू होने से किसानों को फसलों में लगने वाले रोग, कीट और अन्य बीमारियों की पहचान व रोकथाम की सही जानकारी स्थानीय स्तर पर मिल सकेगी। एग्री क्लीनिक के लिए शहर के बस स्टैंड स्थित कृषि विस्तार कार्यालय परिसर में एक ऑफिस बन चुका है। अभी यहां जरूरी सामान जुटाने का काम चल रहा है। जल्द ही ऑफिस में फर्नीचर और अन्य सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। इसके बाद एग्री क्लीनिक की सेवाएं शुरू होने की उम्मीद है। किसान फसलों को खराब होने से बचा सकेंगे राज्य सरकार ने झालावाड़ में एग्री क्लीनिक चलाने के लिए 3 पदों को मंजूरी दी है। इन पदों पर विशेषज्ञ सेवाएं मिलने के बाद किसानों को खेती से जुड़ी समस्याओं के लिए बेहतर वैज्ञानिक और तकनीकी सलाह मिलेगी। एग्री क्लीनिक के जरिए किसानों को फसलों में लगने वाले अलग-अलग रोगों, कीटों का हमला और बीमारियों की पहचान, रोकथाम और कंट्रोल के तरीकों की जानकारी दी जाएगी। समय पर विशेषज्ञों की सलाह मिलने से किसान फसलों को खराब होने से बचा सकेंगे। साथ ही, उत्पादन का खर्च भी कम कर पाएंगे। विशेषज्ञों की सलाह से किसानों को फसल चुनने, रोग मैनेज करने और खेती की नई तकनीकों के बारे में भी जरूरी जानकारी मिलेगी। इससे फसल उत्पादन में सुधार होगा और किसानों की इनकम बढ़ाने में मदद मिलेगी। झालावाड़ कृषि विभाग के मुताबिक, ग्रामीण किसानों के लिए एग्री क्लीनिक एक अच्छी पहल है। अभी कई बार फसलों में रोग या कीट लगने पर किसानों को सही सलाह के लिए जिला मुख्यालय के कृषि ऑफिसों या निजी विशेषज्ञों से संपर्क करना पड़ता है।