झालावाड़ जिले में 10 और 11 अगस्त को हुई भारी बारिश के दौरान जलभराव में फंसे लोगों को बचाने और राहत कार्यों में सहयोग करने वाले 26 नागरिकों को ‘जल-वीर सम्मान’ से नवाजा गया। जिला मुख्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने सभी जल-वीरों को सम्मान-पत्र प्रदान किए। इन नागरिकों में कामखेड़ा, रायपुर, झालरापाटन, सुनेल और मनोहरथाना क्षेत्र के लोग शामिल हैं। बारिश में स्थानीय लोगों ने संभाला मोर्चा भारी बारिश के बाद जिले के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई थी। ऐसे समय में कई स्थानों पर प्रशासन और पुलिस टीमों के पहुंचने से पहले ही स्थानीय नागरिकों ने मोर्चा संभाल लिया। उन्होंने जलभराव में फंसे बच्चों, महिलाओं और अन्य लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। स्थानीय लोगों के इस सहयोग से राहत और बचाव कार्यों में तेजी आई। कलेक्टर ने सराहा साहस और सेवा भावना जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने जल-वीरों के साहस और सेवा भावना की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा के समय स्थानीय नागरिकों का सहयोग बेहद जरूरी होता है। मौके पर मौजूद लोग स्थिति को देखकर तत्काल निर्णय लेकर प्रभावित लोगों की मदद कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जल-वीरों का सम्मान उनके योगदान के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ ही समाज में मानवता और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का माध्यम भी है। दूरदराज इलाकों में स्थानीय मदद बनी सहारा जिला पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने कहा कि तेज बारिश के दौरान दूरदराज के इलाकों में बचाव दल को पहुंचने में समय लग सकता है। ऐसे में मौके पर मौजूद लोगों की समझदारी और तत्परता काफी महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने अगस्त में सुनेल में हुई घटना का उल्लेख करते हुए बताया कि वहां स्थानीय लोगों ने बच्चों और आम नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। कई क्षेत्रों के नागरिक हुए सम्मानित इसी तरह सुनेल कस्बे, कचराखेड़ी रायपुर, बोरखेड़ी गुर्जरान झालरापाटन, कामखेड़ा और झिकनी-मनोहरथाना सहित कई स्थानों पर नागरिकों ने जलभराव में फंसे लोगों की मदद की। सम्मानित 26 जल-वीरों ने प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ प्रशासन और पुलिस टीमों के राहत कार्यों में भी सहयोग किया। प्रशासन ने उनके योगदान को आपदा के समय सामुदायिक सहभागिता और मानवीय संवेदनशीलता का उदाहरण बताया।