झालावाड़ शहर से गुजरने वाले हाईवे पर रात के समय कई जगह अंधेरा पसरा रहता है। सड़क किनारे लगे बिजली के खंभों पर लगी लाइटें बंद होने से वाहन ड्राइवर और सर्विस लेन पर चलने वाले राहगीरों को परेशानी हो रही है। शनिवार रात राजपूत छात्रावास से सरकारी अस्पताल तक हाईवे की लाइटें बंद रहीं। इस मार्ग पर भारी वाहनों समेत अन्य वाहनों की लगातार आवाजाही रहती है। पर्याप्त रोशनी नहीं होने से हादसे का खतरा बना हुआ है। अस्पताल चौराहे से कॉलेज रोड और स्टेशन रोड पर भी रात के समय रोशनी की कमी लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। हाईवे पर अंधेरा, वाहन ड्राइवर को परेशानी हाईवे पर पर्याप्त रोशनी नहीं होने से वाहन ड्राइवर को सड़क की स्थिति का अंदाजा लगाने में मुश्किल होती है। वहीं, हाईवे से सटी सर्विस लेन पर अंधेरा रहने से पैदल चलने वाले लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ती है। रात के समय वाहनों की आवाजाही के बीच सड़क और आसपास की स्थिति स्पष्ट दिखाई नहीं देने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। अस्पताल के आसपास भी रोशनी का अभाव सरकारी अस्पताल क्षेत्र में रात के समय भी मरीजों और उनके परिजनों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में यहां पर्याप्त रोशनी होना जरूरी है। चाय का ठेला लगाने वाले मोहन सिंह ने बताया कि अंधेरे के कारण इस क्षेत्र में हादसे की आशंका बनी रहती है। उन्होंने बंद लाइटों को जल्द चालू कराने की मांग की। शिकायत के बावजूद समाधान नहीं अस्पताल चौराहे के नजदीक सरस पार्लर संचालक हैदर खान ने बताया कि क्षेत्र में लाइटें बंद रहने की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। शिकायत करने के बावजूद इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अस्पताल चौराहे से कॉलेज रोड की ओर जाने वाले मार्ग पर भी एक तरफ अंधेरा रहता है। स्टेशन रोड पर भी रात के समय रोशनी की कमी के कारण लोगों को परेशानी होती है। जिम्मेदारों की अनदेखी से बढ़ रही परेशानी शहर के प्रमुख मार्गों पर स्ट्रीट लाइटों का नियमित संचालन जरूरी है। खासकर अस्पताल और व्यस्त चौराहों के आसपास पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था होनी चाहिए। स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से बंद लाइटों को दुरुस्त कराने और उनके नियमित रखरखाव की मांग की है, ताकि रात के समय वाहन ड्राइवर और राहगीरों को परेशानी से राहत मिल सके।