झालावाड़ जिले में बारिश का दौर धीमा पड़ने के बावजूद शनिवार को कालीसिंध बांध के चार और गेट खोले गए। इससे पहले बांध के दो गेट करीब दो-दो मीटर तक खोलकर पानी छोड़ा जा रहा था। अब बांध के कुल 6 गेट करीब 12.30 मीटर तक खोले गए हैं। इनसे लगभग 59,630 क्यूसेक पानी डाउनस्ट्रीम में छोड़ा जा रहा है। बांध में पानी की आवक लगातार बनी हुई है। इसी को देखते हुए बांध से पानी की निकासी की जा रही है। कालीसिंध बांध के एक्सईएन सोनू कुमार ने बताया कि शनिवार सुबह करीब 11 बजे बांध के छह गेट खोलकर पानी निकालना शुरू किया गया। इससे पहले बांध के दो गेट करीब दो-दो मीटर तक खोलकर पानी छोड़ा जा रहा था। बांध में पानी की आवक बढ़ने के कारण अब छह गेटों से पानी निकाला जा रहा है। उन्होंने बताया कि बांध में अभी करीब 5,450 क्यूसेक पानी की आवक बनी हुई है। बांध का जलस्तर 314.76 मीटर दर्ज किया गया है। बांध की कुल जलभराव क्षमता के मुकाबले अभी करीब 64 प्रतिशत पानी भरा हुआ है। पानी की आवक को देखते हुए जल संसाधन विभाग बांध के जलस्तर और इनफ्लो पर लगातार नजर रख रहा है। बारिश कम, फिर भी बढ़ रहा जलस्तर जिले में पिछले दो-तीन दिनों से बारिश का दौर काफी कमजोर है। कई क्षेत्रों में बारिश कुछ मिनटों के लिए ही हो रही है और इसके बाद मौसम साफ हो जाता है। इसके बावजूद कालीसिंध बांध में पानी की आवक बनी हुई है। इसका प्रमुख कारण बांध के जलग्रहण क्षेत्र से लगातार पानी का पहुंचना बताया जा रहा है। बांध में पानी की आवक बनी रहने से जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव हो रहा है। इसी को देखते हुए जल संसाधन विभाग द्वारा आवश्यकता के अनुसार गेटों को खोलकर पानी की निकासी की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार बांध से छोड़ा जा रहा पानी कालीसिंध नदी के डाउनस्ट्रीम क्षेत्र में पहुंच रहा है। ऐसे में नदी के आसपास रहने वाले लोगों और निचले इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों को सतर्क रहने की जरूरत है। विभाग के जेईएन साजिद खान ने बताया कि बांध की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। इसी प्रकार छापी बांध के तीन गेट 1.5 मीटर खोलकर 4377.73 क्यूसेक पानी के निकासी हो रही है। वहीं, राजगढ़ बांध का एक गेट 0. 30 मीटर खोलकर 1038.82 क्यूसेक पानी के निकासी की जा रही है।