झालावाड़ में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (एनएमएचपी) के तहत मानसिक स्वास्थ्य माह मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में शनिवार को मेडिकल कॉलेज के सभागार में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए एक ओरिएंटेशन कार्यक्रम हुआ। इसमें मेडिकल कॉलेज के विभिन्न विभागों के एचओडी, वार्डन, सुपरवाइजर, डॉक्टर और प्रमुख रिसोर्स पर्सन समेत करीब 60 लोग शामिल हुए। इस कार्यक्रम का मकसद जिले में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। यह अभियान 10 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चलेगा। ओरिएंटेशन के दौरान डॉक्टरों को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं की पहचान करने, तनाव को मैनेज करने और मानसिक परेशानी से जूझ रहे लोगों को समय पर मदद व इलाज देने की ट्रेनिंग दी गई। 'गेटकीपर मॉड्यूल' के तहत डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका पर खास ध्यान दिया गया। उन्हें बताया गया कि तनावग्रस्त या मानसिक परेशानी वाले व्यक्ति को समय रहते पहचान कर उसे भावनात्मक सहयोग के साथ जरूरी मेडिकल सहायता देना बहुत जरूरी है। समय पर मदद मिलने से आत्महत्या जैसी गंभीर घटनाओं को रोका जा सकता है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय पोरवाल ने मानसिक स्वास्थ्य माह के पोस्टर का विमोचन किया। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान मेडिकल कॉलेज में कई जागरूकता गतिविधियां होंगी। अभियान को असरदार बनाने के लिए डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की पहचान करने और जरूरतमंदों को सही मदद पहुंचाने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। अभियान के तहत 'युवा मन एवं मानसिक स्वास्थ्य', 'आई सपोर्ट माय फ्रेंड', 'गेटकीपर', 'एग्जाम स्ट्रेस मैनेजमेंट' और 'वर्कप्लेस स्ट्रेस मैनेजमेंट' जैसे विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मानसिक स्वास्थ्य माह अभियान का समापन 10 अक्टूबर को होगा। इस अभियान के जरिए 'स्वस्थ मन, सशक्त युवा, समृद्ध राजस्थान' का संदेश दिया जा रहा है। इसका जोर मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने, तनाव प्रबंधन को बढ़ावा देने और जरूरतमंद लोगों को समय पर सहायता देने पर है। मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता के लिए टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 और 1800-891-4416 पर संपर्क कर सकते हैं। कार्यक्रम का संचालन डॉ. रश्मि गुप्ता ने किया।