झालावाड़ के पीजी कॉलेज में संस्कृत सप्ताह के तहत नई किरण नशामुक्ति केंद्र और कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में एक विशेष उद्बोधन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रहने, इसके दुष्प्रभावों और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना था। आयुर्वेद अस्पताल के वरिष्ठ डॉ. यादवेंद्र ने इसमें मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित किया। डॉ. यादवेंद्र ने अपने संबोधन में कहा कि "स्वस्थ युवा ही सशक्त समाज का निर्माण करेगा।" उन्होंने जोर दिया कि युवावस्था जीवन का सबसे महत्वपूर्ण समय होता है, जब युवा अपने भविष्य की दिशा तय करते हैं। उन्होंने बताया कि नशे की शुरुआत अक्सर मित्रों के दबाव, जिज्ञासा, तनाव या 'एक बार लेने से क्या होगा' जैसी सोच से होती है, जो धीरे-धीरे आदत और फिर लत में बदल जाती है। डॉ. यादवेंद्र ने युवाओं को नियमित योग, प्राणायाम और ध्यान को जीवनशैली का हिस्सा बनाने की सलाह दी। उन्होंने भ्रामरी प्राणायाम, नाड़ी शोधन,अनुलोम-विलोम, कपालभाति, सूर्य नमस्कार एवं ध्यान को नियमित दिनचर्या में शामिल करने का संदेश दिया। उन्होंने फास्ट फूड के अत्यधिक सेवन से बचने की सलाह देते हुए पिज्जा, बर्गर, मोमोज सहित अत्यधिक प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों का सेवन कम करने तथा संतुलित एवं पौष्टिक आहार अपनाने पर जोर दिया।