झालावाड़ में पर्यटन विकास समिति ने गढ़ पैलेस स्थित संग्रहालय परिसर में विश्व पर्यटन दिवस मनाया। इस अवसर पर पर्यटन विकास पर एक संगोष्ठी हुई, जिसमें जिले के ऐतिहासिक, पुरातात्विक और सांस्कृतिक पर्यटन स्थलों के प्रचार-प्रसार व विकास पर चर्चा की गई। इतिहासकार ललित शर्मा ने जलदुर्ग गागरोन, कोल्वी की बौद्ध गुफाएं, चंद्रावती के मंदिर और भवानी नाट्यशाला जैसे स्थलों के विकास पर जोर दिया। उन्होंने इन्हें पाठ्यक्रम में शामिल करने की भी बात कही। उप सभापति फारूक अहमद ने बताया कि नगर परिषद प्रमुख पर्यटन स्थलों के चित्र और विवरण वाले होर्डिंग लगाएगी, जिससे पर्यटकों को जानकारी मिलेगी। समिति संयोजक ओम पाठक ने पर्यटन स्थलों की ठोस मैपिंग और रूट चार्ट बनाने की सलाह दी। संग्रहालय प्रभारी अजय शर्मा ने बताया कि झालावाड़ गढ़ पैलेस और संग्रहालय को करोड़ों रुपए की लागत से संरक्षित किया जा रहा है। संगोष्ठी में कई अन्य सदस्यों ने भी अपने विचार रखे। गागरोन दुर्ग में चलाया स्वच्छता अभियान इधर विश्व पर्यटन दिवस पर रविवार को झालावाड़ में पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन ने मिलकर कई कार्यक्रम किए। इनका मकसद जिले की ऐतिहासिक विरासत और पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देना था। सुबह 8:30 बजे गढ़ परिसर की भवानी नाट्यशाला में हेरिटेज सफाई अभियान चला। इसमें नगर परिषद, अधिकारी और कर्मचारियों ने श्रमदान किया। इसके बाद 11 बजे गागरोन दुर्ग में भी स्वच्छता अभियान चलाया गया। सुबह 9:30 बजे राजकीय संग्रहालय में पर्यटकों और स्कूली बच्चों के लिए गाइडेड म्यूजियम टूर हुआ। भवानी नाट्यशाला, गढ़ पैलेस और गागरोन दुर्ग सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों के लिए मुफ्त प्रवेश भी रखा गया। सुबह 8:30 बजे से 11:30 बजे तक गढ़ पैलेस और गागरोन दुर्ग में स्थानीय लोक कलाकारों ने लोक संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियां दीं। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य झालावाड़ की विरासत और संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।