झुंझुनूं जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को गैर-ICDS (चुनावी) कार्यों में लगाए जाने के विरोध में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता सहायिका संयुक्त विकास समिति, झुंझुनूं के बैनर तले मंगलवार को प्रतिनिधिमंडल कलेक्ट्रेट पहुंचा और जिला कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर चुनावी ड्यूटी तत्काल निरस्त करने की मांग की। समिति अध्यक्ष ऊषा कुमारी के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कार्यकर्ताओं ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर रोष जताया। उन्होंने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग और समेकित बाल विकास सेवाएं (ICDS) निदेशालय द्वारा स्पष्ट निर्देश जारी हैं कि मानदेय पर कार्यरत आंगनबाड़ी कर्मियों से गैर-विभाग के कार्य न करवाए जाएं। वर्ष 2013 के आदेशों का हवाला देते हुए समिति ने कहा कि खुद विभाग यह स्वीकार कर चुका है कि गैर-ICDS कार्यों से आंगनबाड़ी केंद्रों का मूल काम प्रभावित होता है। हाल ही में 30 जुलाई 2026 को ICDS निदेशालय, जयपुर द्वारा सभी जिला कलेक्टरों को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे कि आंगनबाड़ी कर्मियों को चुनाव ड्यूटी से मुक्त रखा जाए, इसके बावजूद झुंझुनूं जिले में अधिकारियों द्वारा नियमों की अनदेखी कर कार्यकर्ताओं की चुनावी ड्यूटी लगा दी गई है। सेवाएं होंगी ठप, बच्चों और गर्भवती महिलाओं पर पड़ेगा असर कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें चुनाव ड्यूटी में भेजा गया तो आंगनबाड़ी केंद्रों की नियमित सेवाएं पूरी तरह चरमरा जाएंगी। इससे केंद्रों में आने वाले छोटे बच्चों के पोषण, प्री-स्कूल शिक्षा, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को मिलने वाली स्वास्थ्य व पोषाहार सेवाएं सीधे तौर पर प्रभावित होंगी। समिति ने रखीं ये 3 प्रमुख मांगें