हाई सिक्योरिटी जेल अजमेर में कैद बंदी को झुंझुनूं के बहुचर्चित ज्वेलरी शोरूम में लूट और फायरिंग मामले में कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कैदी योगेश कुमार निवासी झुंझुनू ने जेल में रहते हुए ‘जेल में ब्रांडेड कफन’ नाम की पुस्तक लिखी थी। इस कारण वह चर्चा में भी रहा। वह पहले से ही चार अन्य आपराधिक मामलों में सजायाफ्ता होकर सजा भुगत रहा है। हाई सिक्योरिटी जेल अजमेर के अधीक्षक पारस जांगिड़ ने बताया- अपर सेशन न्यायाधीश संख्या-2 झुंझुनूं के कोर्ट ने 30 सितंबर को योगेश कुमार को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। यह लूट और फायरिंग का मामला साल 2019 में पुलिस थाना कोतवाली झुंझुनूं में दर्ज हुआ था। कोर्ट ने इन धाराओं में दी सजा, जुर्माना भी लगाया जेल में लिखी थी ‘जेल में ब्रांडेड कफन’ अधीक्षक पारस जांगिड़ के अनुसार- योगेश लंबे समय से हाई सिक्योरिटी जेल अजमेर में निरुद्ध है। 8वीं कक्षा तक पढ़े योगेश ने जेल में रहते हुए अपने अनुभवों के आधार पर ‘जेल में ब्रांडेड कफन’ नाम से पुस्तक लिखी थी। इसमें उसने जेल जीवन, क्राइम जगत और गैंग संस्कृति से जुड़े अनुभवों और विचारों को जगह दी। पुस्तक के डिजिटल रूप में प्रकाशित होने के बाद योगेश चर्चा में आया था। जांगिड़ ने बताया- योगेश चार अन्य मामलों में पहले से सजायाफ्ता होकर सजा भुगत रहा है। अब झुंझुनूं के ज्वैलरी शोरूम लूट एवं फायरिंग मामले में आजीवन कारावास की सजा का नया वारंट भी हाई सिक्योरिटी जेल अजमेर को मिल गया है। जानें क्या था घटनाक्रम बाइक और बोलेरो पर आए थे बदमाश घटना के अनुसार 15 सितंबर 2019 को दोपहर करीब 2:37 बजे माननगर स्काईलाइन हॉस्पिटल के पास स्थित न्यू प्रकाश ज्वेलर्स पर बाइक और सफेद बोलेरो से आए हथियारबंद बदमाशों ने धावा बोला था। शोरूम में उस समय ज्वेलर संदीप सोनी के भाई बाईसराम उर्फ जतिन सोनी और कर्मचारी नवीन मौजूद थे। बदमाशों ने पिस्टल तानकर ज्वेलरी बैग में भरने के लिए कहा और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। बदमाशों ने जतिन के गले में पहनी चेन भी उतरवा ली और सीसीटीवी की डीवीआर तलाशने लगे। ज्वेलर जान बचाकर भागा, तो गोली मारी जब बदमाश ज्वेलरी समेट रहे थे। उसी दौरान जतिन सोनी ने मौका देखकर दुकान का शीशा खोला और बाहर की तरफ भागे। बदमाशों ने उनका पीछा किया और सड़क पर ही उन पर गोली चला दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े। इसके बाद बदमाश लाखों रुपए के आभूषण लूटकर फरार हो गए। गंभीर घायल जतिन को तुरंत हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। करीब 25 दिन बाद 9 अक्टूबर 2019 को जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। 5 महीने बाद पकड़ा गया था मुख्य आरोपी केस की जांच वर्तमान में सिटी डीएसपी और तत्कालीन कोतवाली थाना प्रभारी गोपाल सिंह ढाका ने की थी। जांच के दौरान मुख्य आरोपी योगेश चारणवासी के आईडी कार्ड को आधार बनाकर राजस्थान और गुजरात के कई हिस्सों में उसकी तलाश में टीम ने दबिश दी और करीब 5 महीने बाद उसे बीकानेर से गिरफ्तार किया था। मामले में राज्य सरकार की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक नंदकिशोर शर्मा ने की। यह खबर भी पढ़ें… गैंगस्टर-लॉरेंस से मिलने के लिए 20-दिन भूखे रहे थे कैदी:हाई सिक्योरिटी जेल में ब्रांडेड कपड़े पहनते हैं खूंखार क्रिमिनल, गर्लफ्रेंड से भी बात करते हैं 'जेल में ब्रांडेड कफन'...इस किताब को लिखने वाला न कोई लेखक है, न वकील। केवल 8वीं पास है और वर्तमान में अजमेर हाई सिक्सोरिटी जेल का कैदी है। नाम है– योगेश चारणवासी, जो मलसीसर, झुंझुनूं का रहने वाला है। (पूरी खबर पढ़ें)