झुंझुनूं के सेठ मोतीलाल तुलस्यान चैरिटी ट्रस्ट की जमीन को लेकर पूर्व छात्र और शहर के लोगों ने मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि जमीन की बिक्री, मालिकाना हक बदलने और परिसर के मूल स्वरूप में बदलाव की जांच की जाए। साथ ही ट्रस्ट की कीमती जमीन को खुर्द-बुर्द किए जाने की आशंका जताते हुए उन्होंने परिसर में भू-व्यापारियों की बढ़ती गतिविधियों को लेकर चिंता जताई है। इस मामले में जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया है। वहीं, ट्रस्ट के सचिव ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह सब झूठ है। किसी के पास कोई सबूत है तो उन्हें भी दिया जाए। जानें क्या है सेठ मोतीलाल तुलस्यान चैरिटी ट्रस्ट क्या हैं मांगें बोले- विरासत का सही इस्तेमाल हो ज्ञापन के अनुसार करीब 9.66 हेक्टेयर में फैला यह परिसर वर्षों से शिक्षा, खेलकूद और विद्यार्थियों की सुविधाओं के लिए उपयोग में लिया जा रहा है। पूर्व छात्रों का कहना है कि यह जमीन केवल अचल संपत्ति नहीं, बल्कि झुंझुनूं की शैक्षणिक पहचान और ऐतिहासिक विरासत का हिस्सा है। इसलिए उनका कहना है कि, ट्रस्ट की संपत्ति का उपयोग उसके घोषित उद्देश्यों और लागू नियमों के अनुरूप होना चाहिए। पूर्व छात्रों ने ट्रस्ट की जमीन से संबंधित दस्तावेजों, गतिविधियों और हालिया समझौतों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। दूसरी ओर ट्रस्ट के सचिव ने आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है। व्यावसायिक उपयोग की आशंका ज्ञापन में ये भी बताया गया है कि पिछले कुछ दिनों से कॉलेज परिसर में कुछ भू-व्यापारियों की गतिविधियां बढ़ी है। इसे आधार बनाकर पूर्व छात्रों ने जमीन की खरीद-फरोख्त और संभावित व्यावसायिक उपयोग को लेकर आशंका जताई है। सचिव बोले- सब झूठ है, कोई सबूत है तो मुझे भी दें इधर, ट्रस्ट की जमीन को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर ट्रस्ट के सचिव जीएल शर्मा ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि यह सब झूठ है और ऐसा कुछ नहीं है। किसी के पास कोई सबूत है तो उन्हें भी दिया जाए। कार्रवाई नहीं हुई तो न्यायालय जाने की चेतावनी पूर्व छात्रों ने कहा कि संस्थान की जमीन से जुड़ा मामला शहर की ऐतिहासिक विरासत और स्टूडेंट्स के हितों से संबंधित है। इसलिए प्रशासन को इसे गंभीरता से लेते हुए रिकॉर्ड की जांच करनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समय रहते सही कार्रवाई नहीं होती है तो वे कोर्ट जाएंगे। इन्होंने दिया ज्ञापन श्रीकांत सारस्वत, सचिन वर्मा, नरेंद्र सैनी, दीपक तुलस्यान, पवन कुमार शर्मा, योगेश तुलस्यान, राम निरंजन पुरोहित, डॉ. गिरिश जोशी, दिनेश कुमार शर्मा, अरविंद पुरोहित, शशिकांत पारीक, डॉ. बीके चावला, सूर्यकांत गोयलका, प्रकाश चंद सैनी, रवि शर्मा, प्रियांशु बगड़िया, सज्जन कुमार तुलस्यान, संजय शर्मा, बंटी सैनी, सत्यनारायण सैनी, रूपेश वर्मा, सुनील वर्मा, रमेश, एकता, माया देवी, ओमप्रकाश, अमन दाधीच, अभिषेक, मनीषा बगड़िया, रोहिताश सैनी, अजय सैनी, सुरेश कुमार सैनी, कपिल कुमार, और हरिराम टेलर शामिल हैं।