जोधपुर के बासनी स्थित फैक्ट्री में आग लगने के बाद हुए ब्लास्ट के मामले की जांच के लिए गुरुवार को फायर फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और सबूत जुटाए। बताया जा रहा है कि आग इतनी भयावह थी कि 1100 डिग्री सेल्सियस के तापमान में कॉपर के तार तक पिघल गए थे। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया कि करंट केमिकल के ड्रमों तक पहुंच गया था, जिसकी वजह से आग लगी और ब्लास्ट हुआ। हादसा 23 सितंबर को हुआ था। इस हादसे में 13 फायर फाइटर्स झुलस गए थे, इनमें से 3 की मौत हो चुकी है। ये आग क्यों लगी, कैसे ब्लास्ट हुआ इसकी पड़ताल के लिए गुरुवार को नागपुर के फायर इंजीनियर नीलेश ऊकंडे मौके पर पहुंचे। यहां पुलिस अधिकारियों एसीपी वेस्ट भजनलाल और बासानी थानाधिकारी नितिन दवे के साथ उन्होंने घटना से संबंधित सबूत जुटाए। फायर इंजीनियर ने मौके से जुटाए सबूत फायर एंड एक्सप्लोजिव टीम के नीलेश ऊकंडे पुलिस अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। यहां उन्होंने मौके से कई सबूत भी जुटाए। उन्होंने बातचीत करते हुए बताया कि फैक्ट्री में अति ज्वलनीशल मटेरियल था। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया कि बिजली के पोल से हाई वॉल्टेज जनरेट हुआ और हाई करंट इनके सिस्टम तक पहुंचा। दावा किया कि कॉपर के तार 1100 डिग्री पर पिघलता है, जो मौके पर पिघले हुए मिले और उसके सबूत भी है। उन्होंने बताया कि ये करंट मिक्सिंग मशीन और और सिस्टम तक पहुंचा और ड्रमों के अंदर तक पहुंच गया, जिससे ये आग पकड़ी। वहीं ये भी दावा किया कि प्रारंभिक जानकारी में सामने आया कि आग से ब्लास्ट हुआ और एक स्लैब आकर ड्रम पर गिरा था। फायर इंजीनियर ऊंकडे ने बताया कि ब्लास्ट क्यों हुआ, उसकी स्टडी की जा रही है। चंद सेकेंड में हाई वॉल्टेज से करंट जनरेट हुआ और ये हादसा हुआ। पुलिस अधिकारी बोले- गोदाम को सीज किया एसीपी वेस्ट भजनलाल ने बताया कि गुरुवार को तीसरे गोदाम को सीज किया गया है। गुरुवार को नागपुर से आग लगने के कारणों को जानने पहुंची थी। इस मामले में राजेंद्र अग्रवाल और उनके बेटे स्पर्श अग्रवाल को गिरफ्तार किया गया था। स्पर्श को जेल भेज दिया गया है, वहीं राजेंद्र अग्रवाल पुलिस रिमांड पर है। हादसे में तीन फायर फाइटर्स की हो चुकी है मौत एसीपी वेस्ट भजनलाल ने बताया कि इस हादसे में तीन फायर फाइटर्स की मौत हो चुकी है। गत सोमवार 28 सितंबर को दो फायर फाइटर सुरेंद्र (22) और प्रदीप की मौत हो गई। सुरेंद्र इस हादसे में 60 प्रतिशत तक झुलस गए हादसे में 60 प्रतिशत तक झुलस के बाद सुरेंद्र को वेंटिलेटर पर लिया था। सोमवार सुबह इलाज के दौरान सुरेंद्र की मौत हो गई थी। वहीं, प्रदीप वेंटिलेटर पर था, जो इस हादसे में 80 से 90 प्रतिशत तक झुलस गए थे। इलाज के दौरान सोमवार दोपहर करीब 3:30 बजे उसने भी दम तोड़ दिया था। इससे पहले 26 सितंबर को एक फायर फाइटर प्रीतेश की मौत हो गई थी। ---------- मामले से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… जोधपुर- हैंडीक्राफ्ट फैक्ट्री में ब्लास्ट, 14 फायर ब्रिगेड कर्मचारी झुलसे:केमिकल से भरे ड्रम में पत्थर गिरने से धमाका; 4 की हालत गंभीर, अलग ICU बनाया जोधपुर के बासनी में SR हैंडीक्राफ्ट फैक्ट्री में बुधवार शाम करीब 5.30 बजे आग लग गई। फैक्ट्री में रखे केमिकल के ड्रमों से आग तेजी से फैल गई। इस दौरान केमिकल के ड्रमों में विस्फोट होते रहे। घटना के समय फैक्ट्री पर ताला लगा हुआ था। (पूरी खबर पढ़िए…) जोधपुर-फैक्ट्री ब्लास्ट में एक फायर फाइटर की मौत:हादसे में 90 प्रतिशत तक झुलस गए थे; दो दिन से वेंटिलेटर पर थे जोधपुर फैक्ट्री ब्लास्ट, तीन दिन में तीन की मौत:90 प्रतिशत झुलसा तीसरा फायर फाइटर की भी इलाज के दौरान मौत जोधपुर हादसा: फैक्ट्री मालिक ने किया सरेंडर:पांच दिन से चल रहा था फरार; 13 झुलसे लोगों में से 3 की मौत हो गई