पुलिस कमिश्नरेट और जोधपुर रेंज की कानून-व्यवस्था एवं अपराध की स्थिति की समीक्षा के लिए एडीजी हवा सिंह घुमरिया शुक्रवार को जोधपुर पहुंचे। उन्होंने ऑफिसर मेस में रेंज और कमिश्नरेट के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ क्राइम मीटिंग की। बैठक में पिछले एक माह के दौरान घटित अपराधों, गंभीर आपराधिक प्रकरणों, लंबित मामलों और पुलिस की कार्रवाई की बिंदुवार समीक्षा की गई। बैठक में जोधपुर पुलिस कमिश्नर अंशुमन भोमिया, जोधपुर रेंज आईजी सत्येंद्र सिंह, डीसीपी मुख्यालय एवं ट्रैफिक शहीन सी, डीसीपी पूर्व मनीष कुमार चौधरी, डीसीपी पश्चिम कमल शेखावत, ग्रामीण पुलिस अधीक्षक पंकज यादव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। क्राइम मीटिंग में एडीजी ने अधिकारियों से थानावार अपराध की स्थिति और लंबित प्रकरणों की जानकारी ली। गंभीर अपराधों में अब तक हुई कार्रवाई, अनुसंधान की प्रगति और लंबित मामलों के कारणों पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों को लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के साथ ही गंभीर मामलों में प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। बैठक में पिछले एक माह के दौरान सामने आए अपराधों के ट्रेंड पर भी चर्चा हुई। पुलिस अधिकारियों से अपराधों की रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों और संवेदनशील मामलों में पुलिस की प्रतिक्रिया को लेकर फीडबैक लिया गया। गंभीर मामलों की जांच और कार्रवाई की समीक्षा एडीजी ने अधिकारियों से ऐसे मामलों की विशेष रूप से समीक्षा की, जिनमें अनुसंधान लंबे समय से लंबित है या जिनमें पुलिस की कार्रवाई की प्रगति महत्वपूर्ण है। अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई, लंबित जांच और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी सहित विभिन्न बिंदुओं पर अधिकारियों से जानकारी ली गई। बैठक का एक प्रमुख हिस्सा अपराध नियंत्रण के साथ-साथ लंबित प्रकरणों को समयबद्ध तरीके से निपटाने पर केंद्रित रहा। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में अपराध की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने और संवेदनशील मामलों में आपसी समन्वय के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। भंवरी मामले की एसआईटी जांच पर भी बोले एडीजी जोधपुर दौरे के दौरान एडीजी हवा सिंह घुमरिया ने भंवरी मामले की एसआईटी जांच को लेकर भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि एसआईटी सही दिशा में जांच कर रही है। मामले से जुड़े तथ्यों और जांच की प्रगति के संबंध में उन्होंने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। भंवरी प्रकरण लंबे समय से चर्चित रहा है और इससे जुड़े मामलों में जांच की प्रगति पर लगातार नजर रही है।